Krishi Mela 2026: आधुनिक तकनीक से जोड़ किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाना होगा लक्ष्य- शिवराज सिंह चौहान
Gaon Connection | Apr 10, 2026, 17:12 IST
राज्य के उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन रायसेन में 11 से 13 अप्रैल 2026 के बीच होगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यहाँ किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकी और वैज्ञानिक विधियों से परिचित कराया जाएगा। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करना है।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग समाधान
रायसेन में 11 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाला राष्ट्रीय ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक तरीकों और नए कृषि मॉडलों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की आय दोगुनी करने और 140 करोड़ लोगों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। यह आयोजन खेती-किसानी में बड़े बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह महोत्सव किसानों के लिए सीखने, नई तकनीकें अपनाने और नवाचार करने का एक बड़ा अवसर साबित होगा। इससे न केवल खेती को आधुनिक दिशा मिलेगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी। देश की लगभग 46% आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए सरकार के लिए कृषि को लाभकारी बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अब सरकार का ध्यान सिर्फ गेहूं और धान तक सीमित नहीं है। सरकार फल, सब्जियां, दालें, तिलहन और "श्री अन्न" (जैसे बाजरा, ज्वार, रागी) के उत्पादन को बढ़ाकर संतुलित पोषण सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही है। जहां अनाज का पर्याप्त भंडार है, वहीं दालों और तिलहनों में आत्मनिर्भरता हासिल करना अगला लक्ष्य है।
देश में औसत कृषि जोत घटकर 0.96 हेक्टेयर रह गई है, जो किसानों की आय बढ़ाने में एक बड़ी बाधा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को बढ़ावा दे रही है। इस मॉडल के तहत, किसान एक ही खेत में फसल उगाने के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और बागवानी जैसी अन्य गतिविधियां भी कर सकेंगे, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।
कृषि अनुसंधान को सीधे खेतों तक पहुंचाने के लिए "लैब टू लैंड" नीति पर काम किया जा रहा है। इसके तहत वैज्ञानिक सीधे किसानों से जुड़ेंगे और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। साथ ही, देश को पांच क्षेत्रों में बांटकर क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय जलवायु के अनुसार खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
मंत्री ने बताया कि देश में 18 लाख किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं और इसका विस्तार लगभग 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुआ है। इससे खेती की लागत कम हो रही है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
सरकार ने यूरिया (266 रुपये) और डीएपी (1350 रुपये) की कीमत स्थिर रखने के लिए 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी है। साथ ही, खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए फार्मर आईडी आधारित वितरण प्रणाली लागू की जा रही है। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित किया है। इसके तहत जिलों की जलवायु और संसाधनों के आधार पर कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों को सही फसल और तकनीक चुनने में मदद मिलेगी।
किसानों की आय और कृषि क्षेत्र को मजबूती
कृषि मेले में सिर्फ भाषण नहीं होगा, बल्कि कृषि यंत्रीकरण की आधुनिक मशीनों जैसे रीपर, पावर वीडर, स्प्रेयर, सीडर, रोटावेटर और कृषि ड्रोन का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।
साथ ही माइक्रो इरिगेशन, प्रिसिजन फार्मिंग, फर्टिगेशन और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों को व्यावहारिक रूप में समझाया जाएगा।… pic.twitter.com/E9054WJDWt
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) April 10, 2026
फसल विविधीकरण और पोषण सुरक्षा पर जोर
इंटीग्रेटेड फार्मिंग समाधान
छोटे जोतों की चुनौती और इंटीग्रेटेड फार्मिंग
"लैब टू लैंड" नीति और क्षेत्रीय सम्मेलन
किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि अनुसंधान को सीधे खेतों तक पहुंचाने के लिए "लैब टू लैंड" नीति पर काम किया जा रहा है। इसके तहत वैज्ञानिक सीधे किसानों से जुड़ेंगे और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। साथ ही, देश को पांच क्षेत्रों में बांटकर क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय जलवायु के अनुसार खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
महोत्सव का उद्घाटन और समापन
- रायसेन में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, जबकि समापन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया जाएगा।
- इसमें देशभर के कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और अधिकारी भाग लेंगे। महोत्सव के दौरान चार अलग-अलग हॉल में 20 तकनीकी सत्र आयोजित होंगे।
- इनमें फसल कटाई के बाद प्रबंधन (पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट), एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित खेती, मशीनीकरण, दलहन-तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और बागवानी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
- किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, जिसमें ड्रोन, रीपर, सीडर, रोटावेटर, माइक्रो इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) और सोलर पंप जैसे उपकरण प्रमुख होंगे।
प्राकृतिक खेती का बढ़ता चलन
हाईटेक मशीनों की मिलेगी ट्रेनिंग