Bhu Naksha Portal: हरियाणा में जमीन संबंधी काम होंगे आसान, अगले महीने लॉन्च होगा ऑटोमेटेड रेवेन्यू सिस्टम
Gaon Connection | Apr 10, 2026, 18:54 IST
हरियाणा सरकार ने अगले महीने एक अनूठी और स्मार्ट ऑटोमेटेड रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम लाने का निर्णय लिया है। इस नए सिस्टम से सरकारी कार्यों में कागजी कार्रवाई खत्म हो जाएगी और जनता को सुविधाजनक अनुभव मिलेगा। भूमि से संबंधित सभी प्रक्रियाएं अधिक सरल और शीघ्रता से संपन्न होंगी। पटवारियों को कर्मठता से प्रशिक्षित किया जाएगा।
हरियाणा ऑटोमेटेड रेवेन्यू सिस्टम
हरियाणा सरकार प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अगले महीने राज्य में ऑटोमेटेड रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम लॉन्च किया जाएगा, जिससे जमीन से जुड़े सभी कार्य तेज, पारदर्शी और पूरी तरह पेपरलेस हो जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधा देना और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट सुमिता मिश्रा ने डिविजनल और डिप्टी कमिश्नरों के साथ बैठक कर इस नई व्यवस्था को जल्द लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बदलाव में तेजी, जवाबदेही और तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
राज्य में करीब 1,900 प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम पटवारियों को जल्द ही जिलों में तैनात किया जाएगा। ये पटवारी जमीन रिकॉर्ड को आधार से जोड़ने, लाल डोरा क्षेत्रों के नक्शे अपडेट करने, रोवर मशीन से सटीक पैमाइश करने और एग्रीस्टैक के तहत डेटा वेरिफिकेशन जैसे अहम कार्य संभालेंगे।
जमीन की सही माप के लिए रोवर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे लंबित मामलों को तय समय सीमा के भीतर निपटाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पांच दिन से अधिक पुराने मामलों को तुरंत निपटाया जाए और लंबित फाइलों का बैकलॉग खत्म किया जाए।
डिजिटल गवर्नेंस के तहत राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक 3.23 लाख से अधिक आवेदन प्रोसेस किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 84 प्रतिशत को मंजूरी मिल चुकी है। इससे सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ी हैं।
राज्य के लगभग 85 प्रतिशत गांवों के नक्शे अब भू-नक्शा पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इससे जमीन के रिकॉर्ड की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ी है। साथ ही जमाबंदी अपडेट का कार्य भी 86 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री पर काम तेजी से चल रहा है और डिजिटल क्रॉप सर्वे 54 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इससे भविष्य में डेटा आधारित खेती और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
मीटिंग में ‘खाना काश्त’ से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को तय नियमों के अनुसार समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने और वरिष्ठ स्तर पर निगरानी रखने को कहा गया।
सुमिता मिश्रा ने बताया कि नया सिस्टम म्यूटेशन, रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाएगा। नागरिक ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे, रिकॉर्ड देख सकेंगे और जल्दी मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे दफ्तरों के चक्कर कम होंगे।
बैठक में ‘युवा आपदा मित्र योजना’ की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस योजना के तहत 5,000 से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है और उन्हें इमरजेंसी रेस्पोंडर किट व बीमा कवर दिया जा रहा है। सोनीपत और कुरुक्षेत्र में प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रेवाड़ी, यमुनानगर और पंचकूला में इसका विस्तार किया जा रहा है।