Animal Husbandry: कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और डिजिटल सेवाओं पर केंद्र सरकार की बड़ी बैठक, जानिए किसानों को कैसे होगा सीधा फायदा
Gaon Connection | Apr 17, 2026, 17:24 IST
केंद्र सरकार ने पशुपालन क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय बैठक आयोजित की। इससे किसानों को बेहतर नस्ल के पशु, कम बीमारी और बढ़ी हुई आय का लाभ मिलने की उम्मीद है।
पशुधन विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा
देश के पशुपालकों और किसानों के लिए केंद्र सरकार ने पशुधन क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समीक्षा बैठक और कार्यशाला आयोजित की, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination), पशु टीकाकरण, भारत पशुधन पोर्टल, बीमा, चारा योजना और पशुधन विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक किसानों और पशुपालकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन योजनाओं का सीधा असर दूध उत्पादन, पशुओं की नस्ल सुधार, रोग नियंत्रण और सरकारी सेवाओं की आसान उपलब्धता पर पड़ेगा।
भारत के गाँवों में बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशु किसानों की अतिरिक्त आय का बड़ा साधन हैं। अगर पशु स्वस्थ हों, अच्छी नस्ल के हों और समय पर इलाज मिले तो किसान की आमदनी बढ़ सकती है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राज्यों से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया है।
बैठक में कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया। कृत्रिम गर्भाधान से बेहतर नस्ल के पशु तैयार होते हैं, जिससे दूध उत्पादन बढ़ता है और पशु ज्यादा उत्पादक बनते हैं। सरकार ने इसे गैर-मवेशी प्रजातियों तक बढ़ाने और भेड़ों में IVF तकनीक को बढ़ावा देने की भी बात कही है। इसका फायदा छोटे पशुपालकों को भी मिलेगा।
पशुओं में मुंहपका-खुरपका (FMD), लंपी और अन्य संक्रामक रोगों से किसानों को भारी नुकसान होता है। बैठक में राज्यों को टीकाकरण अभियान तेज करने और तय मानकों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए। समय पर टीकाकरण होने से पशुओं की मौत कम होगी, इलाज का खर्च घटेगा और उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।
सरकार ने भारत पशुधन पोर्टल और राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन पर भी जोर दिया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पशुओं का टीकाकरण रिकॉर्ड, कृत्रिम गर्भाधान डेटा और अन्य सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और योजनाओं का लाभ जल्दी मिलेगा।
बैठक में हर ग्राम पंचायत में मैत्री कार्यकर्ता तैनात करने पर भी जोर दिया गया। ये कार्यकर्ता गाँवों में पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।
सरकार ने पशुधन बीमा, चारा योजना, रोग जाँच प्रयोगशालाओं को मजबूत करने और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों से निपटने की तैयारी पर भी समीक्षा की। इसका मतलब है कि आने वाले समय में किसानों को पशु नुकसान की स्थिति में राहत और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं।
यह बैठक सिर्फ अधिकारियों की समीक्षा नहीं, बल्कि गाँव के किसान की आय बढ़ाने से जुड़ा फैसला है। अगर योजनाएं जमीन पर सही तरीके से लागू होती हैं तो किसान को स्वस्थ पशु, ज्यादा दूध, कम बीमारी और सरकारी मदद समय पर मिल सकेगी। यानी खेती के साथ पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह पहल आने वाले समय में आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार की अध्यक्षता में हुई बैठक
किसानों को कैसे होगा फायदा?
कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ेगी नस्ल और दूध उत्पादन
पशुधन विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा
टीकाकरण से घटेगा बीमारी का खतरा
भारत पशुधन पोर्टल से सेवाएं होंगी आसान
राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन पर भी जोर
गाँव स्तर पर मैत्री कार्यकर्ता तैनात होंगे
बीमा, चारा और प्रयोगशालाओं पर भी चर्चा
पशु नुकसान की स्थिति में राहत और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पर चर्चा