LPG Crisis अपडेट: LPG का विकल्प अब केरोसिन, राज्यों को 48,000 किलोलीटर केरोसिन उपलब्ध कराने का फैसला
Gaon Connection | Mar 12, 2026, 19:33 IST
सरकार ने बताया कि एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। वहीं राज्यों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन उपलब्ध कराने का फैसला किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
केरोसिन या अन्य ईंधन के विकल्प का इस्तेमाल
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण भारत में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। बढ़ती चिंता पर भारत सरकार की तरफ से अपडेट दिया गया है कि देश में घरेलू रसोई गैस की सप्लाई फिलहाल सुरक्षित है और लोगों को घबराकर सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, और इसमें से करीब 90% सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है। इस समुद्री मार्ग में तनाव या बाधा आने से भारत समेत कई देशों की गैस और तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
इसके साथ ही Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery)ने सरकार की तरफ से जानकारी दी है कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को 45 दिनों में गैस सिलेंडर मिलेगा, वहीं शहरवासियों को 25 दिन की अवधि दी गई है। सरकार ने जानकारी दी है कि देश में किसी भी गैस एजेंसी पर एलपीजी की पूरी तरह कमी की स्थिति नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और डिलीवरी का समय भी सामान्य रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से सिलेंडर जमा न करें।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा,“भारत सरकार हर तिमाही में राज्यों को केरोसिन का आवंटन करती है। हर तिमाही लगभग 1 लाख किलोलीटर केरोसिन राज्यों को दिया जाता है। आज इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है और अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन भी राज्य सरकारों को उपलब्ध कराया जाएगा।”
जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ईंधन- सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि सप्लाई पर ज्यादा दबाव आता है, तो कुछ क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर केरोसिन या अन्य ईंधन के विकल्प का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है।
स्थिति से निपटने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही सरकार खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा और रूस जैसे देशों से एलपीजी आयात बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि कुछ जगहों पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। खासकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा है कि भारत की कुल ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आयात और घरेलू उत्पादन बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव के बावजूद सरकार का कहना है कि देश में रसोई गैस की सप्लाई फिलहाल स्थिर है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
कब-कब मिलेगा सिलेंडर?
LPG का विकल्प अब केरोसिन
जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ईंधन- सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि सप्लाई पर ज्यादा दबाव आता है, तो कुछ क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर केरोसिन या अन्य ईंधन के विकल्प का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है।