मध्य प्रदेश बजट 2026-27: महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए खुला खजाना
Gaon Connection | Feb 18, 2026, 14:43 IST
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट विधानसभा में पेश किया। यह बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का है जो पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है। करीब डेढ़ घंटे चले बजट भाषण में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों, युवाओं, पुलिसकर्मियों और दिव्यांगजनों समेत समाज के हर तबके के लिए बड़े ऐलान किए। लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये, किसानों के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये और 15,000 शिक्षकों की भर्ती जैसे फैसले इस बजट की खास बातें हैं। सरकार ने साफ किया कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और 2026 को "किसान विकास वर्ष" घोषित किया गया है।
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को राज्य विधानसभा में मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया। यह बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का है। करीब डेढ़ घंटे के भाषण में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों, युवाओं और पुलिसकर्मियों समेत समाज के हर तबके के लिए कुछ न कुछ देने की बात कही। वित्त मंत्री देवड़ा ने साफ कहा कि इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। उन्होंने इसे "प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने वाला बजट" बताया।
बजट की सबसे बड़ी घोषणा महिलाओं के लिए रही। सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि "हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है।" यह योजना प्रदेश की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देती है और सरकार इसे आगे भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार ने साल 2026 को "किसान विकास वर्ष" घोषित किया है। इसका मतलब है कि इस पूरे साल किसानों की भलाई और खेती की तरक्की पर खास ध्यान दिया जाएगा। किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय संसाधन का प्रावधान किया गया है। यह राशि सिंचाई, बीमा, सोलर पंप और अन्य कृषि योजनाओं पर खर्च होगी।
किसानों को खेतों में पानी पहुंचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 100 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 1 लाख 16 हजार सिंचाई पंप और 1 लाख सोलर पंप किसानों को दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं ताकि खेतों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा सके। किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और शून्य ब्याज पर कृषि ऋण जैसी योजनाएं जारी रहेंगी। यानी किसान बिना किसी ब्याज के खेती के लिए कर्ज ले सकेंगे। फसल खराब होने पर नुकसान से बचाने के लिए पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 15,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इससे न सिर्फ बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलेगी बल्कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि "युवाओं के हाथ को काम मिले, यह हमारा संकल्प है।" मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा राज्य है। छात्रवृत्ति के लिए 258 करोड़ रुपये और दिव्यांगजन योजनाओं के लिए 2,857 करोड़ रुपये का प्रावधान भी इस बजट में किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। साथ ही पुलिसकर्मियों के रहने के लिए 11,000 नए आवास बनाए गए हैं। इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 से तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन देने का अहम फैसला लिया गया है। यह उन महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है जो परिवार पेंशन से अब तक वंचित थीं।
सरकार मध्य प्रदेश को देश की "मिल्क कैपिटल" यानी दूध उत्पादन में नंबर एक राज्य बनाना चाहती है। इसके लिए गौशालाओं को दी जाने वाली राशि बढ़ाई गई है। मछली उत्पादन के लिए 412 करोड़ और धरती आभा योजना के लिए 357 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट मध्य प्रदेश सरकार की उस सोच को दर्शाता है जिसमें महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और युवा रोजगार तीन सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं। 4 लाख 38 हजार करोड़ से ज्यादा के इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया, जो आम आदमी के लिए राहत की बात है।