2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी के लिए महाराष्ट्र में पात्र किसानों की सूची जारी, किसान आईडी और आधार सत्यापन अनिवार्य
Jul 25, 2026, 14:50 IST
महाराष्ट्र सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 की शुरुआत की है। योजना के तहत पात्र किसानों की सूची सहकारी समितियों में जारी कर दी गई है। आधार प्रमाणीकरण और एग्रीस्टैक पर किसान आईडी बनवाना योजना के लिए अनिवार्य होगा। अधिकतम दो लाख रुपये तक के फसल ऋण की माफी का लाभ किसानों को मिलेगा।
दो लाख रुपये तक की कर्ज माफी
महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत पात्र किसानों की सूची संबंधित सहकारी समितियों में जारी की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आधार प्रमाणीकरण और एग्रीस्टैक पर किसान आईडी बनवाना जरूरी होगा। महाराष्ट्र सरकार ने किसान कर्जमाफी योजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए 25 जुलाई को पात्र किसानों की सूची जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित विविध कार्यकारी सेवा सहकारी समिति या संबंधित कार्यालय में जाकर सूची में अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जांच लें। इसके बाद पात्र किसानों को आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस बार कर्जमाफी की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। इसी उद्देश्य से पात्र किसानों का सत्यापन आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एग्रीस्टैक पर फार्मर आईडी के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और योजना का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुँचाया जा सकेगा।
सरकार के अनुसार, सूची में नाम शामिल होने के बाद किसान अपना नाम, आधार संख्या, बैंक खाते का विवरण और अन्य व्यक्तिगत जानकारी ध्यान से जांचें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है, तो उसकी शिकायत संबंधित सहकारिता विभाग या निर्धारित कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती है, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र किसानों को पहले एग्रीस्टैक पर पंजीकरण कर किसान आईडी बनवानी होगी। इसके बाद नजदीकी आपले सरकार सेवा केंद्र या संबंधित बैंक में जाकर बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभ वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए आधार सत्यापन आवश्यक है और राशि सीधे पात्र किसान के ऋण खाते में हस्तांतरित की जाएग।
योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए पात्र अल्पकालीन फसल ऋण शामिल किए गए हैं। ऐसे ऋण, जो 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहे और निर्धारित शर्तों के अनुरूप हों, उन्हें योजना के दायरे में रखा गया है। पात्रता से जुड़े अन्य मानदंड भी राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होंगे।
योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण की कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। जिन किसानों का पात्र बकाया इससे अधिक है, उनके लिए वन टाइम सेटलमेंट की व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त राशि का भुगतान करने के बाद वे भी योजना के तहत निर्धारित सीमा तक लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार ने नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। योजना के अनुसार, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में से किसी भी दो वित्तीय वर्षों में समय पर फसल ऋण चुकाने वाले पात्र किसानों को 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य समय पर ऋण चुकाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है।
पात्र किसानों को संबंधित सहकारी समिति में जाकर सूची में अपना नाम और विवरण सत्यापित करना चाहिए। यदि जानकारी सही है, तो एग्रीस्टैक पर पंजीकरण, किसान आईडी तैयार कराना और आधार आधारित ई-केवाईसी समय पर पूरा करना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद ही पात्र किसानों को योजना का लाभ सीधे उनके ऋण खाते में हस्तांतरित किया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस बार कर्जमाफी की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। इसी उद्देश्य से पात्र किसानों का सत्यापन आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एग्रीस्टैक पर फार्मर आईडी के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और योजना का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुँचाया जा सकेगा।
सूची में इन जानकारियों की करें जांच
एग्रीस्टैक और आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य
योजना की पात्रता के लिए क्या हैं शर्तें
2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी और ओटीएस की सुविधा
समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को भी प्रोत्साहन
पात्र किसानों को संबंधित सहकारी समिति में जाकर सूची में अपना नाम और विवरण सत्यापित करना चाहिए। यदि जानकारी सही है, तो एग्रीस्टैक पर पंजीकरण, किसान आईडी तैयार कराना और आधार आधारित ई-केवाईसी समय पर पूरा करना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद ही पात्र किसानों को योजना का लाभ सीधे उनके ऋण खाते में हस्तांतरित किया जाएगा।