19-22 मार्च का मौसम: 21 राज्यों में आँधी-बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
Gaon Connection | Mar 19, 2026, 09:56 IST
IMD Weather Forecast: मौसम में अचानक बदलाव आया है। 19 से 22 मार्च के बीच 21 राज्यों में तेज आँधी, बारिश, और ओलावृष्टि का खतरा है। भारतीय मौसम विभाग ने किसानों को सजग रहने की सलाह दी है, खासकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में।
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 19 से 22 मार्च के बीच 21 राज्यों में तेज आँधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। यह बदलाव जहाँ एक ओर बढ़ती गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और ओलों के कारण किसानों और आम लोगों के लिए चिंता का विषय भी बन गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास निचले स्तर पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Circulation)को माना जा रहा है, जिसने पूरे उत्तर भारत के मौसम को अस्थिर कर दिया है।
उत्तर भारत के राज्यों में इस मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू और कश्मीर में तेज आँधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली में 19 और 20 मार्च को तेज आँधी और बारिश के कारण जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है, जबकि उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, बरेली और सहारनपुर जैसे जिलों में 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं हिमालयी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ सकती है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 20 और 21 मार्च के दौरान तेज बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि मध्य प्रदेश और झारखंड में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने का खतरा है।
पश्चिम और दक्षिण भारत भी इस बदलाव से अछूते नहीं रहेंगे। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
- मौसम विभाग ने खास तौर पर मछुआरों को चेतावनी दी है कि 20 से 22 मार्च के बीच बंगाल की खाड़ी में न जाएं, विशेषकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के पास। समुद्र में तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण जोखिम बढ़ सकता है।
- यह मौसमी बदलाव जहाँ आम लोगों को गर्मी से राहत देगा, वहीं किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में जरूरी है कि किसान और आम नागरिक सतर्क रहें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
मौसम विभाग के अनुसार 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास निचले स्तर पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Circulation)को माना जा रहा है, जिसने पूरे उत्तर भारत के मौसम को अस्थिर कर दिया है।
उत्तर भारत में आंधी और बारिश के कारण जलभराव
देश भर में मौसम का हाल
पश्चिम और दक्षिण भारत भी इस बदलाव से अछूते नहीं रहेंगे। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी
- यह मौसमी बदलाव जहाँ आम लोगों को गर्मी से राहत देगा, वहीं किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में जरूरी है कि किसान और आम नागरिक सतर्क रहें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।