Weather Update: बदल रहा है मौसम, बारिश और घने कोहरे का Yellow Alert जानिए कहाँ?
Preeti Nahar | Feb 17, 2026, 12:39 IST
फरवरी का महीना आते ही पूरे देश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के चलते कई राज्यों में बरसात और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। दिल्ली एनसीआर से लेकर ओडिसा तक मौमस के मिजाजमे ंबदलाब देखने को मिल रहा है। मैदानी इलाकों के कई राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। जानिए कैसा है देश के मौमस का हाल।
भारत में फरवरी का मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं न्यूनतम तापमान 0 से 6 डिग्री रहा तो कहीं अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहा। नए पश्चिम विक्षोभ के कारण 17 और 18 फरवरी का पश्चिमी हिमालयी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में हल्की गरज/बारिश के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में मैदानी इलाकों अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री में बढ़ोतरी देखने की संभावना है। जानिए देश के बाकी इलाकों में क्या है मौसम का हाल।
पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों में हवा के ऊपरी स्तर पर चक्रवातीय असर देखा गया। इसी असर के कारण उसी इलाके में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। अनुमान है कि 18 फरवरी के आसपास यह सिस्टम और ज्यादा ताकतवर हो सकता है और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा आसपास के पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में इसका असर बढ़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो समुद्र में हलचल और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बढ़ सकती है।
इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। यह विक्षोभ ऊपरी हवा के स्तरों में उत्तर-पश्चिम अफगानिस्तान और आसपास के इलाकों में चक्रवात के खतरे के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम ऊंचाई के साथ उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।
इस पूरे मौसमी सिस्टम का सीधा मतलब यह है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में मौसम धीरे-धीरे बिगड़ सकता है। मछुआरों को समुद्र में जाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ तटीय और पूर्वी इलाकों में बारिश या तेज हवाओं की संभावना बन सकती है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश या ठंडक बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं।
ओडिसा में 18 फरवरी तक सुबह के समय कुछ स्थानों पर घना कोहरा होने की संभावना है। 17 फरवरी की सुबद भी ओडिसा के कई इलाकों में घना कोहरा देखने को मिला, जिससे यातायात बाधित रहा। कोरधा, पुरी, कटक, ढेंकनाल, जगरसिंहपुर,केद्रपाड़ा और भद्रक जिलों में घने कोहरे के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।
जिस तरह से मौसम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है ऐसे में किसानों को अपनी फसलों के प्रति अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण फसलों पर असर पड़ सकता है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के किसानों के लिए सलाह है कि गेहूं, सरसों और चने की फसलों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें। मिट्टी की नमी बचाने के लिए मल्चिंग का प्रयोग करें। तेज हवाओं और आंधी के अलर्ट को देखते हुए सब्जियों और फलों के पौधों को सहारा दें ताकि वे गिरें नहीं।
चक्रवाती हवाओं का असर कहाँ
पश्चिमी विक्षोभ का भी असर
इसका मतलब आम लोगों के लिए क्या है?
कहाँ हो सकती है बारिश
- हिमाचल प्रदेश में 18 फरवरी को और उत्तराखंड में 18 और 19 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है।
- वहीं अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 17 से 18 फरवरी के बीच गरज चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। साथ ही तेज हवाओं के साथ बारिश होने की भी संभावना है।
- बार करें मैदानी इलाकों की तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 17 और 18 फरवरी को गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। इसी के साथ 30- से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली झोंकेदार हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
- दिल्ली में भी 17 और 18 फरवरी को तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने के आसार हैं।
- मध्य प्रदेश में 18 फरवरी को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
- दक्षिण तमिलनाडु और केरल में 21 और 22 फरवरी को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।