MP Budget 2026-27: मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य,टाइगर कंज़र्वेशन मिली प्राथमिकता

Preeti Nahar | Feb 18, 2026, 14:43 IST
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मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मध्य प्रदेश का यह बजट किसान, गरीब, युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान देने वाला और विकास-प्रधान बजट माना जा रहा है। खेती से लेकर रोजगार, शिक्षा से स्वास्थ्य तक सभी वर्गों को शामिल करते हुए सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है। साथ ही बजट को डिजिटल, पारदर्शी और तीन-साल की योजना वाला बताया जा रहा है, जिससे प्रदेश की समग्र प्रगति को बढ़ावा मिले।
MP Budget 2026-27<br>
भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया, जिसे वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने रखा। इस बजट को लगभग ₹4.8-4.9 लाख करोड़ के पैमाने पर तैयार बताया जा रहा है और इसे जनता के लिए समर्पित, किसान, युवा, नारी और गरीब पर केंद्रित बताया गया है। सरकार ने इसे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट बताया है।

किसानों के लिए बड़ी घोषणाएँ

बजट में कृषि और किसान कल्याण को विशेष महत्व दिया गया है।

  1. किसान कल्याण वर्ष (2026) घोषित किया गया है और किसानों के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लगभग ₹25,000 करोड़ का कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को वित्तीय सहायता मिलेगी।
  2. 1 लाख सोलर पंपों का वितरण किया जाएगा, जिससे किसान बिजली-बिना लागत सिंचाई कर सकेंगे और ग्रीन ऊर्जा को अपनाएंगे।
  3. बजट में ₹5,500 करोड़ किसान कल्याण योजना का प्रावधान भी किया गया है, जिसमें फसल बीमा, ब्याज-मुक्त लोन और अन्य सहायता शामिल हैं।
  4. फसल बीमा के लिए अलग से ₹1,299 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
  5. इन घोषणाओं से ग्रामीण और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

महिला, युवा और गरीब के लिए योजनाएँ

  1. बजट में गरीबों, महिलाओं और युवाओं के लिए भी बड़े प्रावधान किए गए हैं:
  2. महिला सशक्तिकरण योजना ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए ₹23,882 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा।
  3. आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त दूध देने की घोषणा की गई है जिससे पोषण स्तर में सुधार होगा।
  4. युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है और सरकार का लक्ष्य युवाओं को काम देना बताया गया है।

स्वास्थ्य, शिक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास

  1. बजट का बड़ा हिस्सा जनता के सामाजिक आधारों पर भी खर्च होने वाला है
  2. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा पुश मिला है और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
  3. शहरों में मेट्रो विस्तार, ई-बसेस और 10 लाख घरों का निर्माण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जो शहरी विकास को गति देंगे।

पर्यटन सेक्टर में हुई बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि, धार्मिक पर्यटन ने हमारे यहां सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं, सबसे ज्यादा धार्मिक पर्यटकों की संख्या अपने प्रदेश में आई है। हमारे राज्य में विदेशी पर्यटक भी आए हैं लेकिन आने वाले समय में यह संख्या और बढ़े इसके लिए टेंट सिटी से लेकर होम स्टे तक सभी प्रकार के क्षेत्रों में हम विकास कर रहे हैं। जंगल में जानवरों के संख्या बढ़ रही है ऐसे में हमने ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए फेंसिंग की भी व्यवस्था की है। बजट में टाइगर कंज़र्वेशन को प्राथमिकता पर रखा गया, जिसमें बताया गया कि उज्जैन, सतना और भोपाल के अलावा, मध्य प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी नए टाइगर रिज़र्व बनाए जाएंगे। उम्मीद कर रहे हैं कि विकास के इस क्रम में लगातार हम मिलकर इसी तरह आगे बढ़ते रहेंगे।

डिजिटल और रोलिंग बजट एक नया प्रयोग

इस बार मध्य प्रदेश बजट पहला ‘पेपरलेस बजट’ है जहाँ traditional बजट किताब की जगह tablet और डिजिटल रूप से बजट प्रस्तुत किया गया। यह बजट 2026-27 के साथ साथ 2027-28 और 2028-29 के संभावित प्रस्तावों को भी दिखाने वाला रोलिंग बजट है एक नया नवाचार।

OBC छात्रों के लिए बजट में खास इंतज़ाम

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 में OBC छात्रों के लिए खास जगह रखी गई है। बजट में बताया गया कि Skill Development और Scolarship से OBC छात्रों को बढ़ावा मिलेगा। पारंपरिक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, मॉर्डन हॉस्टल और पोस्ट-मैट्रिक Scolarship को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के 7.5 लाख छात्रों को फायदा होगा।

गौशालाओं के आधुनिकीकरण को नई दिशा

वित्त मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश तेज़ी से दूध उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य में इस समय करीब 3,000 गौशालाएँ संचालित हो रही हैं। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए सरकार ने एक नई पॉलिसी तैयार की है। बजट 2026 में गौशाला और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए 2,364 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि पशुपालन को बेहतर आय का जरिया बनाया जा सके।

मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य

सरकार का उद्देश्य मध्य प्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत डेयरी इकाइयों की स्थापना पर सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य समर्थन से जोड़कर गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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