अलकायदा का आतंकी इब्राहिम सुलेमान अदनान आदम हारुन अमेरिका में कई अपराधों के लिए दोषी
Sanjay Srivastava | Mar 19, 2017, 17:52 IST
अलकायदा का आतंकी इब्राहिम सुलेमान अदनान आदम हारुन अमेरिका में कई अपराधों के लिए दोषी
न्यूयॉर्क (भाषा)। अमेरिका की एक अदालत ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की हत्या और नाइजीरिया में अमेरिकी दूतावास में बम धमाके की साजिश समेत कई आतंकी अपराधों के लिए अलकायदा के एक आतंकवादी को दोषी पाया है। यह आतंकी पाकिस्तान की यात्रा कर चुका था और इस दौरान उसने आतंकी संगठन के आकाओं से भी मुलाकात की थी।
नाइजीरिया के रहने वाले इब्राहिम सुलेमान अदनान आदम हारुन (46वर्ष) को अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश, सरकारी प्रतिष्ठानों पर बम से हमला करने की साजिश, विदेशी आतंकी संगठन अलकायदा को सामग्री मुहैया कराने और आतंकी गतिविधियों के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल करने समेत सभी पांच आरोपों में ज्यूरी ने दोषी पाया। जून में जब उसे सजा सुनाई गई थी तो उसे अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
अमेरिका में 11 सितंबर को हुए हमले से कुछ हफ्तों पहले हारुन अफगानिस्तान गया था और अलकायदा से जुड़ गया था। उसे संगठन के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षित किया गया और उसने अफगानिस्तान में अमेरिकी तथा गठबंधन सेनाओं पर हुए हमले में हिस्सा लिया, जिसमें 2003 में अमेरिकी सेवा के दो सदस्य मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।
उसे अलकायदा के एक हथियार विशेषज्ञ से भी प्रशिक्षण मिला था और वह नाइजीरिया में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले के उद्देश्य से पाकिस्तान से नाइजीरिया भी गया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मैरी बी मैक्कॉर्ड ने कहा, ‘‘हारुन एक अलकायदा आतंकी है, जिसने दो महाद्वीपों में अमेरिकी लोगों और कूटनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य यह साबित करते हैं कि आरोपी और दूसरे जिहादियों ने अफगानिस्तान में एक अमेरिकी गश्ती दल पर हमला किया, जिसके फलस्वरुप दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और कई अन्य जख्मी हो गए।''
नाइजीरिया के रहने वाले इब्राहिम सुलेमान अदनान आदम हारुन (46वर्ष) को अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश, सरकारी प्रतिष्ठानों पर बम से हमला करने की साजिश, विदेशी आतंकी संगठन अलकायदा को सामग्री मुहैया कराने और आतंकी गतिविधियों के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल करने समेत सभी पांच आरोपों में ज्यूरी ने दोषी पाया। जून में जब उसे सजा सुनाई गई थी तो उसे अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
अमेरिका में 11 सितंबर को हुए हमले से कुछ हफ्तों पहले हारुन अफगानिस्तान गया था और अलकायदा से जुड़ गया था। उसे संगठन के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षित किया गया और उसने अफगानिस्तान में अमेरिकी तथा गठबंधन सेनाओं पर हुए हमले में हिस्सा लिया, जिसमें 2003 में अमेरिकी सेवा के दो सदस्य मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।
उसे अलकायदा के एक हथियार विशेषज्ञ से भी प्रशिक्षण मिला था और वह नाइजीरिया में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले के उद्देश्य से पाकिस्तान से नाइजीरिया भी गया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मैरी बी मैक्कॉर्ड ने कहा, ‘‘हारुन एक अलकायदा आतंकी है, जिसने दो महाद्वीपों में अमेरिकी लोगों और कूटनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य यह साबित करते हैं कि आरोपी और दूसरे जिहादियों ने अफगानिस्तान में एक अमेरिकी गश्ती दल पर हमला किया, जिसके फलस्वरुप दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और कई अन्य जख्मी हो गए।''