NHRC short film competition 2026: मानवाधिकारों विषयों पर बनाएं लघु फिल्में, जीतें पुरस्कार, जानें कहाँ-कैसे करना है अप्लाई
Gaon Connection | Apr 10, 2026, 19:13 IST
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 12वीं लघु फिल्म पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। अपनी लघु फिल्में 30 जून 2026 तक भेजें। ये फिल्में समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित हो सकती हैं। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मानवाधिकार पर बनाएं फिल्में, जीतें पुरस्कार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मानव अधिकारों पर अपनी 12वीं लघु फिल्म पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए एंट्रीज़ मंगाई हैं। 30 जून, 2026 तक आप अपनी फिल्में भेज सकते हैं। ये फिल्में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक अधिकारों जैसे विषयों पर होनी चाहिए और इनमें अंग्रेजी सबटाइटल के साथ कोई भी भारतीय भाषा इस्तेमाल की जा सकती है। अपनी एंट्रीज़ गूगल ड्राइव के ज़रिए nhrcshortfilm@gmail.com पर भेजें। यह जानकारी PIB Delhi द्वारा 10 अप्रैल, 2026 को 4:22 PM पर दी गई है।
NHRC साल 2015 से यह प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। इसका मकसद है कि लोग, चाहे वे किसी भी उम्र के हों, सिनेमा और अपनी रचनात्मकता के ज़रिए मानवाधिकारों को बढ़ावा दें और उनकी रक्षा करें। पिछली प्रतियोगिताओं में देश भर से बहुत अच्छी एंट्रीज़ आई थीं, जिससे पता चलता है कि लोग इस पहल में दिलचस्पी ले रहे हैं।
आपकी लघु फिल्म किसी भी भारतीय भाषा में हो सकती है, बस उसमें अंग्रेजी सबटाइटल ज़रूर होने चाहिए। फिल्म की लंबाई कम से कम 3 मिनट और ज़्यादा से ज़्यादा 10 मिनट होनी चाहिए। ये फिल्में डॉक्यूमेंट्री हो सकती हैं, सच्ची कहानियों पर आधारित ड्रामा हो सकती हैं, या फिर एनीमेशन जैसी किसी भी तरह की काल्पनिक रचना हो सकती हैं।
- जीवन, आजादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार।
- बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम, खासकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे।
- बुजुर्गों के अधिकार और उनकी परेशानियां।
- दिव्यांग लोगों के अधिकार।
- मैला ढोने की प्रथा और स्वास्थ्य सेवा का अधिकार।
- बुनियादी आजादी।
- मानव तस्करी।
- घर में होने वाली हिंसा।
- पुलिस की बर्बरता से होने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन।
- हिरासत में हिंसा और यातना।
- सामाजिक और आर्थिक असमानताएं।
- खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के अधिकार।
- जेल सुधार।
- शिक्षा का अधिकार।
- साफ-सुथरे पर्यावरण का अधिकार, जिसमें धरती पर जीवन को खतरे में डालने वाले मुद्दे भी शामिल हैं।
- काम का अधिकार।
- कानून के सामने बराबरी का अधिकार।
- भोजन और पोषण सुरक्षा का अधिकार।
- LGBTQI+ समुदाय के अधिकार।
- मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले विस्थापन से मानवाधिकारों का उल्लंघन।
- अलग-अलग संस्कृतियों और मूल्यों का सम्मान।
- जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली विकास योजनाएं।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोई फीस नहीं है और आप कितनी भी फिल्में भेज सकते हैं। बस हर फिल्म के साथ एक भरा हुआ एंट्री फॉर्म अलग से भेजना होगा। नियम और शर्तें, साथ ही एंट्री फॉर्म आपको NHRC की वेबसाइट www.nhrc.nic.in पर या दिए गए लिंक पर मिल जाएंगे।
अपनी फिल्म, भरा हुआ फॉर्म और बाकी ज़रूरी कागज़ात गूगल ड्राइव के ज़रिए nhrcshortfilm@gmail.com पर भेजें। अगर आपको कोई और जानकारी चाहिए, तो आप इसी ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं।
मानवाधिकारों को बढ़ावा देने का अनोखा तरीका
फिल्मों के लिए क्या हैं नियम?
किन विषयों पर बन सकती हैं फिल्में?
जानिए फिल्म विषयों की पूरी लिस्ट
ये फिल्में कई अहम विषयों पर आधारित हो सकती हैं, जैसे:
- बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम, खासकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे।
- बुजुर्गों के अधिकार और उनकी परेशानियां।
- दिव्यांग लोगों के अधिकार।
- मैला ढोने की प्रथा और स्वास्थ्य सेवा का अधिकार।
- बुनियादी आजादी।
- मानव तस्करी।
- घर में होने वाली हिंसा।
- पुलिस की बर्बरता से होने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन।
- हिरासत में हिंसा और यातना।
- सामाजिक और आर्थिक असमानताएं।
- खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के अधिकार।
- जेल सुधार।
- शिक्षा का अधिकार।
- साफ-सुथरे पर्यावरण का अधिकार, जिसमें धरती पर जीवन को खतरे में डालने वाले मुद्दे भी शामिल हैं।
- काम का अधिकार।
- कानून के सामने बराबरी का अधिकार।
- भोजन और पोषण सुरक्षा का अधिकार।
- LGBTQI+ समुदाय के अधिकार।
- मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले विस्थापन से मानवाधिकारों का उल्लंघन।
- अलग-अलग संस्कृतियों और मूल्यों का सम्मान।
- जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली विकास योजनाएं।
कैसे करें अप्लाई?
अपनी फिल्म, भरा हुआ फॉर्म और बाकी ज़रूरी कागज़ात गूगल ड्राइव के ज़रिए nhrcshortfilm@gmail.com पर भेजें। अगर आपको कोई और जानकारी चाहिए, तो आप इसी ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं।