संसदीय समिति का सुझाव: सस्ते होंगे EV ट्रैक्टर, गाँवों में बनेंगे EV चार्जिंग स्टेशन, बच्चों की पढ़ाई में भी मदद

Gaon Connection | Mar 17, 2026, 09:59 IST
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सरकार की संसदीय समिति ने किसानों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए कुछ जरूरी कदम सुझाए हैं। इनमें इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों पर सब्सिडी, गाँवों में शिक्षा के लिए छोटे किसानों के बच्चों की सहायता और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाना शामिल है। समिति ने बताया कि इन सुझावों का मकसद खेती को मजबूत बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
रिपोर्ट में खेती-किसानी के कई जमीनी मामलों पर चर्चा की गई
रिपोर्ट में खेती-किसानी के कई जमीनी मामलों पर चर्चा की गई
भारत में खेती को बेहतर बनाने के लिए सरकार की एक संसदीय समिति ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिसमें किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने पर सब्सिडी देना, छोटे व सीमांत किसानों के बच्चों की पढ़ाई में मदद करना, गाँवों में चार्जिंग की सुविधा बढ़ाना, खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करना, किसानों को दूध का पूरा लाभ मिले यह सुनिश्चित करना और कृषि मंत्रालय का बजट बढ़ाना शामिल है। इन सुझावों का उद्देश्य खेती को मजबूत बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है।

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने पर सब्सिडी का सुझाव

सोमवार को लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, सहकारिता मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों की अनुदान मांगों (साल 2026-27) पर यह रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में खेती-किसानी के कई जमीनी मामलों पर चर्चा की गई है। समिति का मानना है कि इन कदमों से खेती मजबूत होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। समिति ने बताया कि आज भी ज्यादातर किसान डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं। डीजल महँगा होता है और इससे प्रदूषण भी होता है। इसलिए समिति ने सुझाव दिया कि किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने पर सरकार सब्सिडी दे।

गाँवों में बनाए जाएँ EV चार्जिंग स्टेशन

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बिजली से चलते हैं, इसलिए इनमें डीजल की जरूरत नहीं होती। इससे किसानों का खर्च कम होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। समिति का मानना है कि अगर सरकार डीजल ट्रैक्टर की तरह ही इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर भी अच्छी सब्सिडी देगी, तो छोटे और सीमाँत किसान भी इसे आसानी से खरीद सकेंगे। समिति ने यह भी कहा कि अगर किसान इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर इस्तेमाल करेंगे तो गाँवों में चार्जिंग की सुविधा भी जरूरी होगी। इसलिए ग्रामीण इलाकों में अधिक EV चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने चाहिए। अगर गाँवों में आसानी से ट्रैक्टर चार्ज हो सकेगा, तो किसान बिना परेशानी के इसका उपयोग कर पाएंगे। इससे खेती में नई तकनीक आएगी और किसानों को ज्यादा फायदा मिलेगा।

बच्चों की पढ़ाई में हो आर्थिक मदद

समिति ने यह भी सुझाव दिया कि छोटे और सीमांत किसानों के बच्चों की पढ़ाई में सरकार मदद करे। कई बार किसानों की आमदनी कम होती है, जिससे वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते। अगर सरकार पढ़ाई के लिए सहायता देगी, तो किसानों के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ पाएंगे और आगे चलकर बेहतर नौकरी या काम कर सकेंगे। इससे गाँवों का विकास भी होगा। समिति की बैठक में यह सवाल भी उठाया गया कि जिन किसानों के पास 2 एकड़ या उससे कम जमीन है, वे ट्रैक्टर क्यों खरीद रहे हैं। कुछ लोगों को लगा कि इतनी कम जमीन पर ट्रैक्टर की जरूरत नहीं होती।

खेती में कमाई के रास्ते

आजकल खेती में मजदूर कम मिलते हैं और खेती की लागत भी बढ़ रही है। इसलिए छोटे किसान भी ट्रैक्टर खरीद रहे हैं। वे अपने खेत में ट्रैक्टर इस्तेमाल करने के साथ-साथ दूसरों के खेत में किराये पर ट्रैक्टर चलाकर पैसे भी कमाते हैं। इसे कस्टम हायरिंग सेवा कहा जाता है, जो किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का जरिया बन रही है।

समिति ने खेती में नई तकनीक लाने पर भी जोर दिया है। समिति का कहना है कि खेती में Artificial Intelligence यानी AI का उपयोग किया जाना चाहिए। AI की मदद से किसान यह समझ सकते हैं कि खेत में कितनी पानी की जरूरत है और कितनी खाद डालनी चाहिए। इससे पानी और उर्वरक की बचत होगी और फसल भी अच्छी होगी।

किसानों को मिले दूध के कारोबार का पूरा लाभ

समिति ने दूध से जुड़े कारोबार पर भी चिंता जताई। समिति ने कहा कि कई बार दूध बेचने से होने वाला पूरा फायदा किसानों तक नहीं पहुँचता और बड़ी संस्थाएं ज्यादा लाभ ले जाती हैं। सरकार ने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए दूध संग्रह केंद्रों को सहकारी व्यवस्था के तहत लाने की योजना बनाई जा रही है। इसमें Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation और National Dairy Development Board जैसे संस्थानों के दूध केंद्रों को गाँव की सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा। सरकार का कहना है कि करीब 45,000 दूध संग्रह केंद्रों को नई सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा। इससे दूध बेचने वाले किसानों को ज्यादा फायदा मिलेगा।

खेती में बढ़ाया जाए बजट

समिति ने सरकार से यह भी कहा है कि कृषि मंत्रालय का बजट बढ़ाया जाना चाहिए। आज खेती को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे मौसम में बदलाव और बाजार की अनिश्चितता। अगर खेती पर ज्यादा पैसा खर्च किया जाएगा, तो नई तकनीक आएगी, किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और खेती ज्यादा लाभदायक बनेगी। समिति के इन सुझावों का मकसद खेती को मजबूत बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर सब्सिडी, बच्चों की पढ़ाई में मदद, नई तकनीक का इस्तेमाल और दूध के सही दाम दिलाने जैसे कदम अगर लागू होते हैं, तो इससे छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इससे खेती भी आधुनिक बनेगी और गाँवों का विकास भी तेजी से होगा।
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