PM Fasal Bima Yojana: फसल बर्बाद होने पर आपको नहीं होगा नुकसान; सिर्फ ₹1704 देकर मिलेगा ₹85200 का बीमा, जानें कैसे
Gaon Connection | Apr 03, 2026, 12:09 IST
किसानों के लिए यह खुशियों का समय है! प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से आपकी मेहनत की फसल अब सुरक्षित रहेगी। सरकार अब आधे प्रीमियम का बोझ उठाएगी। अगर प्राकृतिक आपदाएँ जैसे आग या बारिश से फसल प्रभावित होती है, तो किसानों को सहारा मिलेगा। यह योजना आपके लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह है।
PM Fasal Bima Yojana
फसल बीमा से किसानों को बड़ी राहत, सरकार दे रही आधा प्रीमियम
योजना के तहत प्रीमियम और सब्सिडी
- खरीफ फसलों (सभी अनाज, बाजरा, दालें और तिलहन) के लिए, किसान को बीमा राशि का 2.0% या एक्चुअरियल दर, जो भी कम हो, प्रीमियम के रूप में देना होता है।
- रबी फसलों (सभी अनाज, बाजरा, दालें और तिलहन) के लिए, यह दर बीमा राशि का 1.5% या एक्चुअरियल दर, जो भी कम हो, होती है।
- वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए, किसान को बीमा राशि का 5% या एक्चुअरियल दर, जो भी कम हो, प्रीमियम के रूप में देना होता है।
सरकार भी किसान द्वारा दिए गए प्रीमियम के बराबर राशि का योगदान करती है, जिससे बीमा की लागत कम हो जाती है।
प्रीमियम कैलकुलेटर की सुविधा
फसल बीमा कैलकुलेटर
किसानों को बीमा से जुड़ी जानकारी आसानी से मिले, इसके लिए PMFBY के पोर्टल पर "इंश्योरेंस प्रीमियम कैलकुलेटर" की सुविधा दी गई है। इससे किसान अपनी फसल, क्षेत्रफल और प्रीमियम की पूरी जानकारी खुद ही देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, धान की 1 हेक्टेयर फसल के लिए किसान को 1704 रुपये प्रीमियम देना होता है, और सरकार भी इतनी ही राशि का योगदान करती है। इस तरह कुल बीमित राशि 85,200 रुपये हो जाती है, जो किसी भी नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
किन जोखिमों को किया जाता है कवर?
- उपज हानि: प्राकृतिक आग, बिजली गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, बाढ़, जलभराव, भूस्खलन, सूखा, कीट और रोग जैसी आपदाओं से होने वाली उपज हानि को कवर किया जाता है।
- बुवाई में रुकावट: यदि प्रतिकूल मौसम के कारण किसान बुवाई नहीं कर पाते हैं, तो वे बीमित राशि के 25% तक क्षतिपूर्ति के हकदार हो सकते हैं।
- फसल कटाई के बाद नुकसान: कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसलों को चक्रवात या बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान से कटाई के 14 दिनों तक बचाया जाता है।
- स्थानीय आपदाएँ: ओलावृष्टि, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थानीय आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कवर किया जाता है।
किन जोखिमों को नहीं किया जाता कवर?
कौन उठा सकता है PMFBY का लाभ?
- सरकार द्वारा तय इलाके में तय फसलों की खेती करते हों।
- खुद की जमीन पर या बटाई/लीज पर लेकर खेती करते हों।
- उनके पास जमीन के वैध कागज और बैंक खाता हो।
- समय पर बीमा के लिए आवेदन करें।