PM Kisan Update: 22वीं किस्त से पहले लिस्ट में नाम जरूर जांच लें, वरना अटक सकता है पैसा
Gaon Connection | Feb 20, 2026, 18:40 IST
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए जरूरी खबर है। किस्त आने से पहले यह पक्का कर लें कि आपका नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में है या नहीं। अगर नाम सूची में नहीं होगा या e KYC और आधार लिंकिंग अधूरी है तो 2000 रुपये की किस्त रुक सकती है। किसान घर बैठे पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।
PM-KISAN 22nd instalment update: How to check if your name is on the list
देश भर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। हर किसान के मन में यही सवाल है कि 2000 रुपये की अगली किस्त कब आएगी। अभी तक सरकार की ओर से किस्त जारी होने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन किसानों को सलाह दी जा रही है कि भुगतान से पहले अपनी सभी जरूरी जानकारियां जांच लें।
सबसे जरूरी बात यह है कि जिन किसानों का नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में नहीं होगा, उन्हें किस्त का पैसा नहीं मिलेगा। इसलिए इंतजार करने के बजाय किसान अभी से पोर्टल पर जाकर अपना नाम चेक कर लें।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को साल में 6000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है और हर किस्त 2000 रुपये की होती है। पैसा सीधे डीबीटी प्रणाली के जरिए किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है।
पात्रता की बात करें तो इस योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है जिनके नाम पर खेती की जमीन दर्ज है। जमीन के रिकॉर्ड ही पहचान का मुख्य आधार होते हैं। जिनके पास खेती की जमीन नहीं है या जो आयकर देते हैं, सरकारी कर्मचारी हैं या कुछ पेशेवर श्रेणी में आते हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाते।
कई बार पैसा इसलिए भी अटक जाता है क्योंकि आधार बैंक खाते से लिंक नहीं होता या e KYC पूरी नहीं होती। बैंक खाते की गलत जानकारी और जमीन के रिकॉर्ड अपडेट न होने की वजह से भी भुगतान में देरी हो सकती है। इसलिए किसानों को सलाह है कि वे आधार सीडिंग, e KYC और बैंक विवरण जरूर जांच लें।
अपना नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में देखने के लिए किसान को आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाना होगा। वहां होमपेज पर बेनिफिशियरी लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव का चयन करना होगा। रिपोर्ट देखें पर क्लिक करते ही गांव की पूरी सूची सामने आ जाएगी। किसान उसमें अपना नाम खोज सकते हैं।
अगर नाम सूची में है और सभी दस्तावेज पूरे हैं तो किस्त मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन अगर नाम नहीं है तो तुरंत संबंधित कृषि अधिकारी या हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
सरकार की यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सहारा देने के लिए चलाई जा रही है। इसलिए छोटी सी लापरवाही से पैसा न रुके, इसके लिए जरूरी है कि किसान समय रहते अपनी जानकारी जांच लें।
सबसे जरूरी बात यह है कि जिन किसानों का नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में नहीं होगा, उन्हें किस्त का पैसा नहीं मिलेगा। इसलिए इंतजार करने के बजाय किसान अभी से पोर्टल पर जाकर अपना नाम चेक कर लें।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को साल में 6000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है और हर किस्त 2000 रुपये की होती है। पैसा सीधे डीबीटी प्रणाली के जरिए किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है।
पात्रता की बात करें तो इस योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है जिनके नाम पर खेती की जमीन दर्ज है। जमीन के रिकॉर्ड ही पहचान का मुख्य आधार होते हैं। जिनके पास खेती की जमीन नहीं है या जो आयकर देते हैं, सरकारी कर्मचारी हैं या कुछ पेशेवर श्रेणी में आते हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाते।
कई बार पैसा इसलिए भी अटक जाता है क्योंकि आधार बैंक खाते से लिंक नहीं होता या e KYC पूरी नहीं होती। बैंक खाते की गलत जानकारी और जमीन के रिकॉर्ड अपडेट न होने की वजह से भी भुगतान में देरी हो सकती है। इसलिए किसानों को सलाह है कि वे आधार सीडिंग, e KYC और बैंक विवरण जरूर जांच लें।
अपना नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में देखने के लिए किसान को आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाना होगा। वहां होमपेज पर बेनिफिशियरी लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव का चयन करना होगा। रिपोर्ट देखें पर क्लिक करते ही गांव की पूरी सूची सामने आ जाएगी। किसान उसमें अपना नाम खोज सकते हैं।
अगर नाम सूची में है और सभी दस्तावेज पूरे हैं तो किस्त मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन अगर नाम नहीं है तो तुरंत संबंधित कृषि अधिकारी या हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
सरकार की यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सहारा देने के लिए चलाई जा रही है। इसलिए छोटी सी लापरवाही से पैसा न रुके, इसके लिए जरूरी है कि किसान समय रहते अपनी जानकारी जांच लें।