PM Modi in Assam: महिला श्रमिकों के साथ तोड़ी चाय की पत्तियाँ, कहा- "चाय असम की आत्मा है"
Gaon Connection | Apr 01, 2026, 13:23 IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अप्रैल 2026 को चुनावी दौरे पर असम के डिब्रूगढ़ के चाय बागान (Tea Estate) का दौरा किया, यहाँ उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ चाय की पत्तियाँ तोड़ीं, बात की और सेल्फी ली। यह यात्रा असम विधानसभा चुनावों के प्रचार का हिस्सा थी। पीएम मोदी ने चाय के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करते हुए श्रमिकों की कठिन मेहनत की सराहना की।
असम के चाय बागान में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में एक चाय बागान का दौरा कर चुनावी माहौल में चाय की पत्तियाँ तोड़कर और वहाँ काम करने वाली महिला श्रमिकों से बातचीत कर एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रयास किया। यह दौरा असम विधानसभा चुनावों के प्रचार का हिस्सा था, जहाँ उन्होंने चाय बागान के मजदूरों के साथ अपने चाय प्रेम को साझा किया और उनकी मेहनत को सराहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा, "चाय असम की आत्मा है। यहाँ की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाई है।" उन्होंने डिब्रूगढ़ के चाय बागान में न सिर्फ पत्तियों को तोड़ा, बल्कि वहाँ काम करने वाली महिलाओं को हाथ जोड़कर नमन भी किया। कुछ तस्वीरों में पीएम मोदी महिलाओं से बातचीत करते हुए भी नजर आए।
पीएम मोदी ने चाय बागान से जुड़े परिवारों को असम की शान बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "हर चाय बागान परिवार के प्रयासों पर मुझे गर्व है और उनकी मेहनत और दृढ़ता ने असम की शान को बढ़ाया है।" उन्होंने डिब्रूगढ़ के चाय बागान की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
यह दौरा असम के चुनावी मौसम में पीएम मोदी के एक दिवसीय प्रवास का हिस्सा था। असम में 9 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं और वोटिंग की तारीख नजदीक आने के साथ ही राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर है। पीएम मोदी ने बचपन में अपने पिता के साथ चाय बेचने में मदद की थी और वह पहले भी कई बार असम की चाय की तारीफ कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अप्रैल 2026 को डिब्रूगढ़ जिले स्थित मनोहारी चाय बागान पहुंचे, जहाँ वह सफेद व लाल बॉर्डर वाली पारंपरिक साड़ी पहने महिला श्रमिकों के साथ खेतों में उतर गए। उन्होंने परंपरागत टोकरी का उपयोग करते हुए चाय की पत्तियां तोड़ीं और श्रमिकों के साथ उनके दैनिक कार्य में हाथ बंटाया।
1 अप्रैल 2026 को चुनावी दौरे के तहत पीएम मोदी डिब्रूगढ़ जिले स्थित मनोहारी चाय बागान पहुंचे। वहाँ उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ परंपरागत टोकरी थामकर चाय की पत्तियाँ तोड़ीं। उन्होंने उनकी संस्कृति और दैनिक जीवन के बारे में बातचीत की और उनके साथ यादगार सेल्फी भी ली।
प्रधानमंत्री ने 19 स्थानीय महिला श्रमिकों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इसमें उनके जीवन, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और दैनिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात को यादगार बनाते हुए उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ सेल्फी ली। पीएम ने एक्स पर लिखा, "चाय पत्ती तोड़ने के बाद महिलाओं ने अपनी संस्कृति के बारे में बताया और फिर एक सेल्फी ली गई।"
यह पल असम के चाय समुदाय से सीधे जुड़ाव का एक भावनात्मक प्रयास था। पीएम मोदी ने गुजरात दौरे के बाद असम का दौरा किया था। असम में करीब 800 चाय बागान हैं, जिन्हें Tea Estates के तौर पर जाना जाता है। इनमें से कई ब्रिटिश काल से संचालित हैं।
राज्य में 1,00,000 से अधिक छोटे चाय बागान हैं, जो कुल चाय उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। चाय उद्योग असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें लाखों लोग कार्यरत हैं। एक अनुमान के अनुसार, असम के चाय उद्योग में प्रत्यक्ष रूप से लगभग 8 से 10 लाख मजदूर कार्यरत हैं।
भारत के कुल चाय उत्पादन का 55% असम में पैदा होती है। असम के कुल वर्कफोर्स का 17% चाय उद्योग में काम करता है। यदि मजदूरों के परिवारों और पूर्व-चाय बागान श्रमिकों को भी शामिल किया जाए, तो यह समुदाय राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 15 से 20 प्रतिशत, यानी करीब 70 लाख के करीब पहुंच सकता है।
यह दौरा असम के चुनावी मौसम में पीएम मोदी के एक दिवसीय प्रवास का हिस्सा था, जिसमें वे भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में दो चुनावी जनसभाओं को भी संबोधित करने वाले थे। चाय बागान दौरे को चाय समुदाय से जुड़ाव और उनकी भावनाओं को समझने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
चाय असम की आत्मा: पीएम मोदी का भावनात्मक जुड़ाव
असम के चाय बागान में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने चाय बागान से जुड़े परिवारों को असम की शान बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "हर चाय बागान परिवार के प्रयासों पर मुझे गर्व है और उनकी मेहनत और दृढ़ता ने असम की शान को बढ़ाया है।" उन्होंने डिब्रूगढ़ के चाय बागान की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
चुनावी मौसम में मास्टरस्ट्रोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अप्रैल 2026 को डिब्रूगढ़ जिले स्थित मनोहारी चाय बागान पहुंचे, जहाँ वह सफेद व लाल बॉर्डर वाली पारंपरिक साड़ी पहने महिला श्रमिकों के साथ खेतों में उतर गए। उन्होंने परंपरागत टोकरी का उपयोग करते हुए चाय की पत्तियां तोड़ीं और श्रमिकों के साथ उनके दैनिक कार्य में हाथ बंटाया।
मनोहारी चाय बागान में यादगार पल
चाय श्रमिकों के साथ पीएम मोदी की सेल्फी
प्रधानमंत्री ने 19 स्थानीय महिला श्रमिकों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इसमें उनके जीवन, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और दैनिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात को यादगार बनाते हुए उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ सेल्फी ली। पीएम ने एक्स पर लिखा, "चाय पत्ती तोड़ने के बाद महिलाओं ने अपनी संस्कृति के बारे में बताया और फिर एक सेल्फी ली गई।"
चाय समुदाय से सीधा जुड़ाव
पीएम मोदी का चाय श्रमिकों से सीधा जुड़ाव
चाय उद्योग असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़
असम के कुल वर्कफोर्स का 17% चाय उद्योग में काम करता है।
भारत के कुल चाय उत्पादन का 55% असम में पैदा होती है। असम के कुल वर्कफोर्स का 17% चाय उद्योग में काम करता है। यदि मजदूरों के परिवारों और पूर्व-चाय बागान श्रमिकों को भी शामिल किया जाए, तो यह समुदाय राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 15 से 20 प्रतिशत, यानी करीब 70 लाख के करीब पहुंच सकता है।
यह दौरा असम के चुनावी मौसम में पीएम मोदी के एक दिवसीय प्रवास का हिस्सा था, जिसमें वे भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में दो चुनावी जनसभाओं को भी संबोधित करने वाले थे। चाय बागान दौरे को चाय समुदाय से जुड़ाव और उनकी भावनाओं को समझने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।