नारियल किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन, प्रोसेसिंग और इंटरक्रॉपिंग पर जोर: शिवराज सिंह चौहान
Mar 07, 2026, 19:38 IST
नारियल क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से केंद्रीय कृषि मंत्री ने की चर्चा। समस्याओं के समाधान का दिया आस्वासन।
coconut farmer
नारियल उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेन्नई में नारियल उत्पादक किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों तथा नारियल क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टेक होल्डर्स के साथ
बैठक की। इसमें नारियल क्षेत्र के विकास, उत्पादन वृद्धि तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु नारियल उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है। देश में लगभग 1 करोड़ 25 लाख किसान नारियल की खेती से जुड़े हैं, जबकि करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका इस पर निर्भर है। वर्तमान में नारियल किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बाग लगभग 60 वर्ष पुराने हो चुके हैं, जिससे उत्पादकता में कमी आई है साथ ही रूट विल्ट और व्हाइट फ्लाई जैसी बीमारियां भी असर डाल रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए नई, उन्नत और रोग-प्रतिरोधी नारियल किस्मों के विकास पर जोर दिया जाएगा, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो सके, तथा भारत वैश्विक स्तर पर नारियल निर्यात में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा की जा रही है, ताकि मिलकर व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकें।नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ सके।
सरकार का संकल्प है कि नारियल किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं इसके तहत पुराने बागों के स्थान पर नए बाग लगाना। गुणवत्तापूर्ण नर्सरी का विकास, आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाओं की उपलब्धता तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए किसानों और राज्य सरकारों के साथ परामर्श जारी है। चर्चा के उपरांत नारियल संवर्धन बोर्ड की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। इस पहल से विशेष रूप से तमिलनाडु के लगभग 28 प्रतिशत किसानों को लाभ मिलेगा।
बैठक की। इसमें नारियल क्षेत्र के विकास, उत्पादन वृद्धि तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु नारियल उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है। देश में लगभग 1 करोड़ 25 लाख किसान नारियल की खेती से जुड़े हैं, जबकि करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका इस पर निर्भर है। वर्तमान में नारियल किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बाग लगभग 60 वर्ष पुराने हो चुके हैं, जिससे उत्पादकता में कमी आई है साथ ही रूट विल्ट और व्हाइट फ्लाई जैसी बीमारियां भी असर डाल रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए नई, उन्नत और रोग-प्रतिरोधी नारियल किस्मों के विकास पर जोर दिया जाएगा, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो सके, तथा भारत वैश्विक स्तर पर नारियल निर्यात में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा की जा रही है, ताकि मिलकर व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकें।नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ सके।
सरकार का संकल्प है कि नारियल किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं इसके तहत पुराने बागों के स्थान पर नए बाग लगाना। गुणवत्तापूर्ण नर्सरी का विकास, आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाओं की उपलब्धता तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए किसानों और राज्य सरकारों के साथ परामर्श जारी है। चर्चा के उपरांत नारियल संवर्धन बोर्ड की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। इस पहल से विशेष रूप से तमिलनाडु के लगभग 28 प्रतिशत किसानों को लाभ मिलेगा।