पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ हुई शुरू, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹1000-1500, रजिस्ट्रेशन के लिए केवल ये 3 दस्तावेज जरूरी
Gaon Connection | Apr 14, 2026, 18:37 IST
पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ शुरू की, जिसके तहत महिलाओं को ₹1000-1500 मासिक सहायता मिलेगी। योजना की शुरुआत 9 क्षेत्रों में पायलट रूप में हुई है और 15 मई से पूरे राज्य में लागू होगी। जुलाई से भुगतान शुरू होगा। 18+ महिलाएं पात्र होंगी, जबकि कुछ सरकारी वर्ग इससे बाहर रहेंगे।
'मावां धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को आदमपुर में अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे बाबा साहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के विजन को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने महिलाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू की और घर-घर तक सुविधा पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर कैंप और सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था की गई है।
यह योजना फिलहाल 9 विधानसभा क्षेत्रों आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दीरबा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला ग्रामीण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है। 15 मई से इसे राज्य के बाकी 108 विधानसभा क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं को वित्तीय सहायता जुलाई महीने से मिलनी शुरू होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना में पंजीकरण की कोई अंतिम तिथि नहीं है। महिलाएं किसी भी समय आवेदन कर सकती हैं और उन्हें जुलाई से मिलने वाली पूरी राशि का लाभ मिलेगा, चाहे वे बाद में ही रजिस्ट्रेशन क्यों न कराएं। पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेज जरूरी हैं-पंजाब पते वाला आधार कार्ड, वोटर आईडी और बैंक पासबुक। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अनुसूचित जाति की महिलाओं के पास प्रमाण पत्र नहीं है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे बिना प्रमाण पत्र के भी योजना में आवेदन कर सकती हैं और शुरुआत में 1000 रुपये की सहायता प्राप्त कर सकती हैं। जब उनका प्रमाण पत्र बन जाएगा, तब सरकार जुलाई से प्रति माह 500 रुपये का अतिरिक्त अंतर भी देगी।
इस योजना के लिए पूरे राज्य में 26,000 पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। पंजीकरण आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों, नगर निगम और नगर परिषद कार्यालयों में किया जा सकता है। इसके अलावा हर गांव और वार्ड में ‘महिला सत्कार सखी’ की नियुक्ति की गई है, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यह योजना 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की लगभग सभी महिलाओं को कवर करती है, केवल कुछ सीमित श्रेणियों को छोड़कर। इसमें पंजाब सरकार, केंद्र सरकार या अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी, सांसद, विधायक या मंत्री के जीवनसाथी शामिल नहीं होंगे। योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब का मतदाता होना और उसके पास राज्य का पता दर्शाने वाला आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए 2026-27 के बजट में 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के व्यापक स्तर और पहुंच को देखते हुए इसे देश की सबसे बड़ी महिला केंद्रित सामाजिक योजनाओं में से एक माना जा रहा है।