पूसा संस्थान का कृषि विज्ञान मेला 25 से 27 फरवरी को, किसानों को मिलेंगे उन्नत बीज
Gaon Connection | Feb 18, 2026, 15:31 IST
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) द्वारा 25 से 27 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में किसानों को धान, अरहर, मूंग और बाजरे की उन्नत किस्मों के बीज मिलेंगे। साथ ही खेती की नई तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
पूसा संस्थान यानी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान इस साल भी अपना सालाना कृषि विज्ञान मेला लगाने जा रहा है। यह मेला 25, 26 और 27 फरवरी 2026 को पूसा संस्थान के मेला ग्राउंड में आयोजित होगा। इस बार मेले की थीम "विकसित कृषि, आत्मनिर्भर भारत" रखी गई है। पूसा संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक और बीज उत्पादन इकाई के प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस मेले में किसानों को खरीफ सीजन के लिए कई उन्नत किस्मों के बीज मिलेंगे।
मेले में धान की कुल 14 किस्मों के बीज बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इनमें पूसा बासमती 1121, पूसा बासमती 1509, पूसा बासमती 1692 और पूसा बासमती 1718 जैसी मुख्य किस्में शामिल हैं। इसके अलावा हर्बीसाइड टॉलरेंट यानी खरपतवारनाशक दवा सहने वाली और सीधी बुवाई के लिए उपयुक्त किस्में जैसे पूसा 1886, 1985 और 1989 के बीज भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होंगे।
अरहर की तीन किस्में, पूसा अरहर 16, पूसा अरहर 1802 और पूसा 187 मेले में उपलब्ध होंगी। मूंग की चार किस्में जैसे पूसा विशाल, पूसा मूंग 1431, पूसा मूंग 1641 और पीडी 10 भी किसानों को मिलेंगी। बाजरे की उषा कंपोजिट 701 किस्म भी मेले में शामिल रहेगी।
मेले में भिंडी, चौलाई, लौकी और तरोई जैसी सब्जियों के बीज के पैकेट भी उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही नींबू की विभिन्न किस्मों के पौधे भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे। धान के बीज 5 किलो और 20 किलो के पैकेट में मिलेंगे। मूंग और अरहर के बीज 2-2 किलो के पैकेट में उपलब्ध होंगे। बाजरे के बीज भी 2 किलो की पैकिंग में मिलेंगे।
मेले में रबी फसलों के जीवंत प्रदर्शन भी लगाए जाएंगे जहां किसान खड़ी फसलों को सीधे देख और समझ सकेंगे। देश भर के कृषि विश्वविद्यालय और संस्थान भी अपनी नई तकनीकें यहां प्रदर्शित करेंगे। डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे इस मेले में जरूर आएं और नए बीजों के साथ-साथ खेती की नई जानकारियों का भी फायदा उठाएं।
धान की 14 किस्में उपलब्ध होंगी
दलहनी फसलों के भी बीज मिलेंगे
सब्जियों के बीज और पौधे भी मिलेंगे
मेले में रबी फसलों के जीवंत प्रदर्शन भी लगाए जाएंगे जहां किसान खड़ी फसलों को सीधे देख और समझ सकेंगे। देश भर के कृषि विश्वविद्यालय और संस्थान भी अपनी नई तकनीकें यहां प्रदर्शित करेंगे। डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे इस मेले में जरूर आएं और नए बीजों के साथ-साथ खेती की नई जानकारियों का भी फायदा उठाएं।