Emeritus Scientist Scheme: Retirement लेने वाले हैं! रुकिए, कृषि क्षेत्र की इस स्कीम से फिर से जुड़ें, जानिए कैसे करें अप्लाई

Gaon Connection | Feb 21, 2026, 13:19 IST
Share
अगर आप उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहाँ आप रिटायरमेंट ले चुके हैं, लेकिन फिर से अपने जीवन को कुछ बेहतर काम में उपयोगी बना सकते हैं, तो ये मौका आपके लिए ही है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिकों और शिक्षकों के अनुभव का लाभ उठाने के लिए ‘एमेरिटस साइंटिस्ट योजना’ की घोषणा की है। यहाँ फिर से आप इपने अनुभवों का उयोग देश की सेव में लगा सकते हैं। जानिए क्या है ये घोषणा और कैसे कस सकते हैं अप्लाई।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ‘एमरिटस साइंटिस्ट योजना स्कीम के साथ  फिर से जुड़ें
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ‘एमरिटस साइंटिस्ट योजना स्कीम के साथ फिर से जुड़ें
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश के सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिकों और शिक्षकों के अनुभव का लाभ उठाने के लिए ‘एमरिटस साइंटिस्ट योजना’ की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य उन वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों के वर्षों के ज्ञान और कौशल का उपयोग करना है, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा रखते हैं। ICAR का मानना है कि रिटायरमेंट के बाद भी अनुभवी विशेषज्ञ देश के लिए एक बड़ी ताकत बने रह सकते हैं।

कृषि क्षेत्र से फिर से जुड़ने का मौका

इस योजना के तहत रिटायर्ड पेशेवरों को मौजूदा राष्ट्रीय महत्व की अनुसंधान परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा और उन्हें कृषि और संबंधित क्षेत्रों में प्राथमिकता वाले नए कार्यक्रम शुरू करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह योजना कृषि शिक्षा को मजबूत करने पर भी खास जोर देती है। इसके अंतर्गत अनुभवी सेवानिवृत्त शिक्षक विशेष पाठ्यक्रम तैयार कर सकेंगे और कृषि शिक्षा से जुड़ी निर्देशात्मक सामग्री विकसित करेंगे। इसमें डिजिटल, मल्टीमीडिया और दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग) से संबंधित सामग्री को भी शामिल किया जाएगा, ताकि कृषि शिक्षा ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।

क्या है एमरिटस साइंटिस्ट योजना?

एमेरिटस साइंटिस्ट योजना का मुख्य फोकस राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान शिक्षा प्रणाली (NARES) से जुड़े सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों और शिक्षकों के अनुभव का सही उपयोग करना है। ICAR का उद्देश्य है कि दशकों की रिसर्च, पढ़ाने का अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान सिर्फ रिटायरमेंट के साथ खत्म न हो, बल्कि नई पीढ़ी के शोधकर्ताओं और छात्रों के काम आए।

  1. इस योजना के लिए पात्र होने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं।
  2. आवेदक का कृषि और संबद्ध विज्ञान के क्षेत्र में NARES के अंतर्गत प्रिंसिपल साइंटिस्ट, प्रोफेसर या समकक्ष पद पर कार्यरत रहना जरूरी है।
  3. इसके साथ ही, आवेदक या तो सेवानिवृत्त हो चुके हों या सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया में हों।
  4. एक अहम शर्त यह भी है कि आवेदक के पास कम से कम एक वर्ष की सेवा शेष हो या फिर वे 28 फरवरी 2026 से एक साल से अधिक पहले सेवानिवृत्त न हुए हों। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि बहुत पहले रिटायर हो चुके लोग इस योजना के दायरे में न आएँ।

जानिए कब तक करें अप्लाई

आवेदन प्रक्रिया को ICAR ने स्पष्ट और औपचारिक रखा है। इच्छुक उम्मीदवारों को अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में उसी संस्थान के कार्यकारी प्राधिकारी (Executive Authority) के माध्यम से भेजना होगा, जहाँ वे एमेरिटस साइंटिस्ट के रूप में काम करना चाहते हैं। आवेदन के साथ संस्थान की सिफारिश और यह औचित्य भी देना होगा कि आवेदक किस तरह से अनुसंधान या शिक्षा में योगदान देगा। बिना संस्थान की सिफारिश के भेजे गए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई है।

आवेदन ईमेल के माध्यम से adg.hrd.applications@gmail.com पर भेजना होगा। ईमेल के विषय में साफ तौर पर यह लिखा होना चाहिए- “एमेरिटस साइंटिस्ट योजना के लिए आवेदन। आवेदक का नाम और संपर्क नंबर”। ICAR ने सभी संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे इस योजना की जानकारी योग्य वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों तक पहुंचाएँ और एक या दो उपयुक्त उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

कुल मिलाकर, एमेरिटस साइंटिस्ट योजना ICAR का एक रणनीतिक कदम है, जिसका मकसद देश के अनुभवी कृषि वैज्ञानिकों और शिक्षकों को शोध और शिक्षा से जुड़े रहने का अवसर देना है। इस योजना से न सिर्फ कृषि अनुसंधान को मजबूती मिलेगी, बल्कि कृषि शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और देश अपने अनुभवी पेशेवरों की गहरी विशेषज्ञता का पूरा लाभ उठा सकेगा।
Tags:
  • Emeritus Scientist Scheme
  • एमरिटस साइंटिस्ट योजना
  • ICAR
  • आईसीएआर
  • Agricultural Research
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में करें अप्लाई
  • 'Emeritus Scientist Scheme' for Retired Agricultural Scientists
  • Retirement के बाद क्या करें