ठंड का सबसे सख़्त दौर: उत्तर भारत में शीतलहर जारी, दक्षिण में बारिश थमने की तैयारी
Gaon Connection | Jan 14, 2026, 16:01 IST
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर, शीत दिवस और घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है, जबकि दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश धीरे-धीरे थमने की संभावना है।
देश में सर्दी का मुश्किल दौर अभी खत्म होने के संकेत नहीं दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के बड़े हिस्से में शीतलहर, शीत दिवस और घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है। वहीं दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश अब धीरे-धीरे थमने की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव खेती, यातायात, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा की ज़िंदगी, सभी पर असर डालने वाला है।
IMD के मुताबिक अगले दो दिनों तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर की स्थिति बने रहने की बहुत अधिक संभावना है। इसके बाद ठंड की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। हालांकि 15 और 16 जनवरी को हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में गंभीर शीतलहर की आशंका जताई गई है, जिससे ठंड का असर और गहरा हो सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 5-6 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार के बड़े हिस्से में सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और असम–मेघालय में कई जगह दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। 14 जनवरी की सुबह जम्मू, पंतनगर, अमृतसर, अंबाला और कई शहरों में दृश्यता शून्य या 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
IMD के अनुसार 14 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में शीत दिवस से लेकर गंभीर शीत दिवस की स्थिति बन सकती है, जबकि 15 जनवरी को भी शीत दिवस की संभावना बनी रहेगी। इसका मतलब है कि दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहेगा और धूप होने के बावजूद ठंड का अहसास बना रहेगा।
तापमान के आंकड़े सर्दी की गंभीरता को साफ दिखाते हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमालयी इलाकों में कई जगह न्यूनतम तापमान 0°C से नीचे दर्ज किया गया है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.5°C हिसार (हरियाणा) में दर्ज किया गया। कई राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री तक नीचे चल रहा है।
उत्तर भारत की ठंड के बीच दक्षिण भारत में मौसम एक अलग मोड़ ले रहा है। IMD के अनुसार अगले तीन दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के आसपास के इलाकों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश थमने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। बीते 24 घंटों में तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता घटने की संभावना है।
IMD ने संकेत दिया है कि 16 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 16 से 20 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसी दौरान उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बारिश या बर्फबारी की संभावना है, जबकि 18 से 20 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने चेताया है कि घने कोहरे में मौजूद प्रदूषक तत्व फेफड़ों में जाकर खांसी, घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ बढ़ा सकते हैं। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिमभरी है। लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से फ्लू, नाक से खून आना और फ्रॉस्टबाइट जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। IMD ने अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और शरीर को पूरी तरह ढककर रखने की सलाह दी है।
शीतलहर, पाला और कम तापमान का सीधा असर खेती और पशुपालन पर पड़ सकता है। IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को ठंड से बचाने के लिए शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई, मल्चिंग, और सब्ज़ियों की नर्सरी व छोटे पौधों को पुआल या पॉलीथीन शीट से ढकें। पशुपालकों को मवेशियों को रात में शेड के अंदर रखने और पोल्ट्री शेड में अतिरिक्त गर्मी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
IMD के मुताबिक अगले दो दिनों तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर की स्थिति बने रहने की बहुत अधिक संभावना है। इसके बाद ठंड की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। हालांकि 15 और 16 जनवरी को हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में गंभीर शीतलहर की आशंका जताई गई है, जिससे ठंड का असर और गहरा हो सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना कोहरा कई दिन तक
IMD के अनुसार 14 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में शीत दिवस से लेकर गंभीर शीत दिवस की स्थिति बन सकती है, जबकि 15 जनवरी को भी शीत दिवस की संभावना बनी रहेगी। इसका मतलब है कि दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहेगा और धूप होने के बावजूद ठंड का अहसास बना रहेगा।
IMD Alert: पहाड़ों में बारिश-बर्फ, यूपी-बिहार में शीत दिवस, कई राज्यों में घना कोहरा
तापमान के आंकड़े सर्दी की गंभीरता को साफ दिखाते हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमालयी इलाकों में कई जगह न्यूनतम तापमान 0°C से नीचे दर्ज किया गया है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.5°C हिसार (हरियाणा) में दर्ज किया गया। कई राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री तक नीचे चल रहा है।
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून विदा लेने की तैयारी
IMD ने संकेत दिया है कि 16 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 16 से 20 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसी दौरान उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बारिश या बर्फबारी की संभावना है, जबकि 18 से 20 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
कोहरे और ठंड का स्वास्थ्य पर असर
शीतलहर, पाला और कम तापमान का सीधा असर खेती और पशुपालन पर पड़ सकता है। IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को ठंड से बचाने के लिए शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई, मल्चिंग, और सब्ज़ियों की नर्सरी व छोटे पौधों को पुआल या पॉलीथीन शीट से ढकें। पशुपालकों को मवेशियों को रात में शेड के अंदर रखने और पोल्ट्री शेड में अतिरिक्त गर्मी की व्यवस्था करने को कहा गया है।