दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा कदम, किसानों को मिलेगी 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद
Gaon Connection | Feb 13, 2026, 17:14 IST
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना का ऐलान किया है। दलहन की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मकसद दलहन के आयात पर निर्भरता खत्म करना है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार किसानों को हर तरह की मदद देगी। संसद में सवालों के जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत आज चावल उत्पादन में दुनिया में पहले नंबर पर है। करीब 15 करोड़ टन उत्पादन के साथ देश चावल और गेहूं में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है। लेकिन दलहन के मामले में अभी भी देश को विदेशों से आयात करना पड़ता है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को दलहन उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरे देश में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है, जो अपने शुरुआती चरण में है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि तमिलनाडु में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को कई सुविधाएं दी जाएंगी:
कृषि मंत्री ने कहा कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है। किसानों को उनकी मेहनत की सही कीमत मिले, इसके लिए दाल मिल लगाने में भी सरकार मदद करेगी। इससे किसान अपनी दाल की प्रोसेसिंग खुद कर सकेंगे और बेहतर दाम पा सकेंगे।
पंजाब के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत पंजाब में अब तक 32,014 आवेदन मिले हैं। शुरुआत में 7,425 करोड़ रुपये का लक्ष्य था, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 11,351 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं से किसानों के लिए अनाज भंडारण, प्रसंस्करण और उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने की सुविधाएं मिलेंगी।
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि किसान सिर्फ अन्न ही नहीं, बल्कि बिजली भी पैदा करें। कुसुम योजना के तहत किसान अपने खेतों में सोलर पैनल लगा सकते हैं। इससे वे अपनी जरूरत की बिजली खुद बना सकेंगे। अगर बिजली बच जाती है तो उसे बिजली ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वामीनाथन आयोग ने उत्पादन लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने की सिफारिश की थी। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देकर इसे लागू करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इस सिफारिश को लागू किया और किसानों को लागत पर 50 फीसदी मुनाफे के साथ MSP दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कांग्रेस के 10 साल के शासन में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दलहन की सरकारी खरीद हुई थी। वहीं, मोदी सरकार ने अब तक 1 करोड़ 92 लाख मीट्रिक टन दलहन की खरीद की है। उन्होंने कहा, "हम तीन-चार गुना ज्यादा खरीद कर रहे हैं और दोगुने दाम दे रहे हैं। इसलिए आज किसान खुश और संतुष्ट हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार किसानों की समस्याओं के समाधान पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के जरिए किसानों के उत्पादों को सुरक्षित रखने और कृषि ढांचे को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों का कल्याण, गरीबों की सेवा और आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत का निर्माण करना है।