Crop Data: क्या किसानों ने बुवाई छोड़ी? ग्रीष्मकालीन फसलों के आंकड़े चिंताजनक
Gaon Connection | Mar 24, 2026, 16:56 IST
कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 20 मार्च, 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में पिछले साल की तुलना में हल्की गिरावट आई है। धान की बुवाई में कमी देखने को मिली है, जबकि दलहन फसलों की बुवाई में वृद्धि हुई है। श्री अन्न और मोटे अनाज की बुवाई भी घट गई है।
गर्मी की फसलों की बुवाई में आई गिरावट
ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में पिछले साल की तुलना में थोड़ी कमी देखी गई है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल बुवाई क्षेत्र 43.69 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 42.68 लाख हेक्टेयर से थोड़ा अधिक है, लेकिन सामान्य बुवाई क्षेत्र (डीईएस) 75.37 लाख हेक्टेयर की तुलना में काफी कम है। यह रिपोर्ट 24 मार्च, 2026 को PIB Delhi द्वारा जारी की गई है।
फसलों के हिसाब से देखें तो चावल की बुवाई में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 0.80 लाख हेक्टेयर की कमी आई है, जो 28.65 लाख हेक्टेयर पर है। दलहन फसलों में कुल मिलाकर 0.62 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जिसमें मूंग और उड़द की बुवाई बढ़ी है। श्री अन्न एवं मोटे अनाज की बुवाई में भी 0.80 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है।
तिलहन फसलों में कुल बुवाई क्षेत्र 4.73 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से मामूली रूप से कम है। मूंगफली की बुवाई में थोड़ी वृद्धि हुई है, जबकि सूरजमुखी और तिल की बुवाई में भी मामूली बदलाव देखे गए हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सामान्य बुवाई क्षेत्र 2022-23 से 2024-25 तक के आंकड़ों पर आधारित है। कुल मिलाकर, 20 मार्च, 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों का अंतिम बुवाई क्षेत्र 83.92 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष के 83.92 लाख हेक्टेयर के बराबर है। हालांकि, चालू वर्ष (2026) में पिछले वर्ष (2025) की समान अवधि की तुलना में कुल बुवाई क्षेत्र में 1.02 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
फसलों के हिसाब से देखें तो चावल की बुवाई में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 0.80 लाख हेक्टेयर की कमी आई है, जो 28.65 लाख हेक्टेयर पर है। दलहन फसलों में कुल मिलाकर 0.62 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जिसमें मूंग और उड़द की बुवाई बढ़ी है। श्री अन्न एवं मोटे अनाज की बुवाई में भी 0.80 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है।
तिलहन फसलों में कुल बुवाई क्षेत्र 4.73 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से मामूली रूप से कम है। मूंगफली की बुवाई में थोड़ी वृद्धि हुई है, जबकि सूरजमुखी और तिल की बुवाई में भी मामूली बदलाव देखे गए हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सामान्य बुवाई क्षेत्र 2022-23 से 2024-25 तक के आंकड़ों पर आधारित है। कुल मिलाकर, 20 मार्च, 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों का अंतिम बुवाई क्षेत्र 83.92 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष के 83.92 लाख हेक्टेयर के बराबर है। हालांकि, चालू वर्ष (2026) में पिछले वर्ष (2025) की समान अवधि की तुलना में कुल बुवाई क्षेत्र में 1.02 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
| बुआई क्षेत्र | ||||||||||||
| क्रम संख्या | फसलें | सामान्य ग्रीष्म कालीन बुवाई क्षेत्र (डीईएस) | अंतिम ग्रीष्म कालीन बुवाई क्षेत्र 2025 | चालू वर्ष (2026) | पिछले वर्ष (2025) की समान अवधि | पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वृद्धि/कमी | ||||||
| 1 | धान | 31.49 | 33.28 | 27.86 | 28.65 | -0.80 | ||||||
| 2 | दलहन | 23.40 | 27.07 | 4.09 | 3.47 | 0.62 | ||||||
| ए | मूंग | 20.44 | 23.49 | 2.57 | 2.18 | 0.39 | ||||||
| बी | उड़द | 2.96 | 3.58 | 1.28 | 1.14 | 0.13 | ||||||
| सी | अन्य दलहन | 0.00 | - | 0.24 | 0.15 | 0.10 | ||||||
| 3 | श्री अन्न एवं मोटे अनाज | 12.08 | 14.06 | 6.04 | 6.84 | -0.80 | ||||||
| ए | ज्वार | 0.34 | 0.36 | 0.20 | 0.35 | -0.15 | ||||||
| बी | बाजरा | 4.43 | 5.20 | 1.38 | 1.35 | 0.03 | ||||||
| सी | रागी | 0.31 | - | 0.20 | 0.12 | 0.08 | ||||||
| डी | छोटे मोटे अनाज | 0.02 | - | 0.02 | 0.03 | -0.01 | ||||||
| ई | मक्का | 6.98 | 8.50 | 4.24 | 5.00 | -0.75 | ||||||
| 4 | तिलहन | 8.40 | 9.51 | 4.69 | 4.73 | -0.05 | ||||||
| ए | मूंगफली | 3.40 | 4.20 | 2.98 | 2.97 | 0.01 | ||||||
| बी | सूरजमुखी | 0.34 | 0.35 | 0.32 | 0.28 | 0.04 | ||||||
| सी | तिल | 4.66 | 4.96 | 1.35 | 1.42 | -0.08 | ||||||
| डी | अन्य तिलहन | 0.00 | - | 0.04 | 0.06 | -0.02 | ||||||
| कुल | 75.37 | 83.92 | 42.68 | 43.69 | -1.02 | |||||||
| क्षेत्रफल: लाख हेक्टेयर में | ||||||||||||