कैसे बनती है फ्रोज़न मटर, जानिए खेत से फ्रीज़र तक पहुंचने का पूरा प्रोसेस
Apr 07, 2026, 13:42 IST
खेतों से ताज़ी मटर फ्रीज़र तक पहुँचती है। कटाई के बाद मटर की सफाई होती है। फिर इसे गर्म पानी में उबालकर रंग और स्वाद बनाए रखा जाता है। इसके बाद मटर को तेजी से जमाया जाता है। अंत में, इसे पैक करके बाज़ार भेजा जाता है। इस तरह मटर पूरे साल उपलब्ध रहती है।
फ्रोज़न मटर
फ्रोज़न मटर आज हर रसोई का अहम हिस्सा बन चुकी है। चाहे सब्जी हो, पुलाव, सूप या सलाद—फ्रोजन मटर हर मौसम में आसानी से उपलब्ध रहती है और स्वाद के साथ पोषण भी देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खेत में उगने वाली ताज़ा मटर आखिर फ्रीज़र तक कैसे पहुंचती है? आइए जानते हैं इस पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में।
फ्रोज़न मटर बनाने की प्रक्रिया खेतों से ही शुरू होती है। मटर को बड़े पैमाने पर खेतों में उगाया जाता है और मशीनों की मदद से काटा जाता है। कटाई के तुरंत बाद मटर को प्रोसेसिंग प्लांट में ले जाया जाता है, जहां इसे अच्छी तरह साफ किया जाता है। इस दौरान मटर से धूल, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां हटाई जाती हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया में गुणवत्ता बनी रहे।
सफाई के बाद मटर को ब्लांचिंग प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इसमें मटर को कुछ समय के लिए गर्म पानी में उबाला जाता है। इससे मटर का हरा रंग, स्वाद और बनावट सुरक्षित रहती है। साथ ही इस प्रक्रिया से बैक्टीरिया और कीटाणु भी खत्म हो जाते हैं, जिससे मटर ज्यादा सुरक्षित हो जाती है।
ब्लांचिंग के तुरंत बाद मटर को फ्रीज किया जाता है। इसके लिए ब्लास्ट फ्रीज़र का उपयोग होता है, जिसमें बेहद ठंडी हवा से मटर को तेजी से जमाया जाता है। यह प्रक्रिया मटर की बनावट को खराब होने से बचाती है और उसमें बर्फ के बड़े क्रिस्टल बनने नहीं देती, जिससे मटर लंबे समय तक ताजी बनी रहती है।
फ्रीज होने के बाद मटर को पैक किया जाता है। इसे एयरटाइट पैकेट या डिब्बों में सील किया जाता है, ताकि हवा या नमी अंदर न जा सके। इसके बाद इन पैकेट्स को बहुत कम तापमान वाले फ्रीजर में स्टोर किया जाता है, जिससे उनकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।
तैयार फ्रोजन मटर को बाज़ारों और किराना दुकानों तक पहुंचाया जाता है। यहां से उपभोक्ता इसे खरीदकर कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं। फ्रोजन मटर की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसे पूरे साल कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।