असम की हमार जनजाति के परंपरागत खेती के ज्ञान से बचा सकते हैं जैव विविधता
Divendra Singh | Aug 20, 2021, 11:05 IST
वैज्ञानिक लंबे समय से कृषि वानिकी के ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के नुकसान की दोहरी चुनौतियों का समाधान करने के साथ-साथ उच्च भंडारण क्षमता और पेड़-पौधों की विविधता बरकरार रख सकेंगे।
असम की हमार जनजाति के परंपरागत खेती के ज्ञान से बचा सकते हैं जैव विविधता