Indian Railway: ट्रेन में खाने को लेकर बड़ा बदलाव, अब QR कोड बताएगा खाना असली है या नकली
Gaon Connection | Mar 19, 2026, 19:05 IST
Indian Railway food: यात्रियों के लिए एक और खुशखबरी है! रेलवे के नए कदम यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित भोजन देने की दिशा में बड़ा बदलाव हैं। QR कोड और सख्त नियमों के जरिए अब ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर निगरानी और भरोसा दोनों बढ़ेंगे। अगली बार जब आप ट्रेन में सफर करें, तो QR कोड जरूर स्कैन करें और सुरक्षित खाने का लाभ उठाएं।
अब ट्रेन में खाना होगा ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद
अगर आप अक्सर ट्रेन में सफर करते हैं और खाने की गुणवत्ता को लेकर चिंतित रहते हैं, तो अब राहत की खबर है। लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में सरकार ने रेलवे में मिलने वाले खाने को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अब यात्रियों को साफ-सुथरा, सही और भरोसेमंद खाना मिले, इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
रेलवे ने अब ट्रेनों में खाना परोसने वाले कर्मचारियों के लिए QR कोड वाले आई-कार्ड अनिवार्य कर दिए हैं। कई बार ऐसा होता था कि फर्जी वेंडर ट्रेन में चढ़कर खाना बेच देते थे, जिससे यात्रियों को खराब या असुरक्षित भोजन मिल जाता था। अब QR कोड स्कैन करके आप यह जान सकते हैं कि वेंडर असली है या नहीं और उसकी पूरी जानकारी भी देख सकते हैं।
अब सिर्फ वेंडर ही नहीं, बल्कि खाने के पैकेट पर भी QR कोड लगाया जा रहा है। इसे स्कैन करने पर आपको पता चल जाएगा कि खाना किस किचन में बना, कब तैयार हुआ और कब पैक किया गया। इससे खाने की ताजगी और गुणवत्ता पर भरोसा बढ़ेगा।
रेलवे ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के ट्रेन या स्टेशन पर सामान बेचना कानूनन अपराध है। रेलवे अधिनियम 1989 के तहत ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। अवैध वेंडरों को रोकने के लिए आरपीएफ और रेलवे अधिकारी लगातार जांच अभियान चला रहे हैं।
रेलवे ने खाने की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। अब खाना तय बेस किचन में ही बनेगा, जहाँ CCTV के जरिए निगरानी होगी। कच्चा माल ब्रांडेड इस्तेमाल किया जाएगा और हर किचन में फूड सेफ्टी सुपरवाइजर तैनात रहेगा। साथ ही, IRCTC के सुपरवाइजर ट्रेन में खाने की गुणवत्ता पर नजर रखेंगे। हर कैटरिंग यूनिट के लिए FSSAI सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे खाने की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर फूड सैंपल की जांच की जाएगी और किचन का अचानक निरीक्षण भी किया जा सकता है। इसके अलावा बाहरी एजेंसियों से ऑडिट कराया जाएगा और यात्रियों से फीडबैक भी लिया जाएगा। IRCTC अपने कर्मचारियों को साफ-सफाई, व्यवहार और बेहतर सर्विस के लिए लगातार ट्रेनिंग भी दे रहा है।