UP NEWS: आंगनवाड़ी वर्कर्स को मिले स्मार्टफोन, अब बाल पोषण और स्वास्थ्य निगरानी में होगी तेजी
Gaon Connection | Mar 30, 2026, 13:26 IST
लखनऊ में आंगनवाड़ी वर्कर्स को स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस प्राप्त हुए हैं। ये उपकरण बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखने में मददगार होंगे। इस पहल का मकसद डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा कलेक्शन को मजबूत करना है
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को मिला स्मार्टफोन
Lucknow में सोमवार को लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आंगनवाड़ी से जुड़ी महिलाओं को बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र सौंपे। साथ ही बच्चों की लंबाई और वजन मापने वाले ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस भी वितरित किए गए। इस पहल से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं को गति मिलेगी और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण की निगरानी और बेहतर तरीके से हो सकेगी।
इस कार्यक्रम का मकसद आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत बनाना और जमीनी स्तर पर काम करने वाली कार्यकत्रियों को आधुनिक साधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना काम और आसानी से कर सकें। स्मार्टफोन मिलने से अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और महिलाओं से जुड़ी जानकारी सीधे ऑनलाइन दर्ज कर पाएंगी। इससे काम तेज़, आसान और पारदर्शी बनेगा। वहीं, ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस की मदद से बच्चों की लंबाई और वजन को सही तरीके से मापा जा सकेगा। इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि बच्चा स्वस्थ है या उसे अतिरिक्त पोषण और देखभाल की जरूरत है। कुल मिलाकर, यह पहल आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने, योजनाओं को तेज़ी से लागू करने और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "हर आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पास स्मार्टफोन होना चाहिए। हमारी महिला कार्यकत्री जो मेहनत करती हैं, उसका रियलटाइम डाटा हमें समय पर नही मिल पाता। इसकी वजह से डाटा अपलोड न होने की स्थिति में हमारी रैंकिंग कम रहती है। इसलिए, सभी को स्मार्टफोन देना आवश्यक है।" इस पहल का मकसद डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा कलेक्शन को मजबूत करना है। शुरुआती चरण में कुछ लाभार्थियों को स्मार्टफोन दिए जाएंगे, जिसके बाद राज्य में करीब 70 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी सेवाएं अब तेज़ी से बदल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य स्टाफ को स्मार्टफोन और जरूरी उपकरण दिए। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वालों का काम आसान होगा और योजनाओं की निगरानी भी ज्यादा बेहतर तरीके से हो सकेगी। यह कदम सीधे तौर पर बच्चों और महिलाओं तक पहुंचने वाली सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मकसद आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाना है। शुरुआत में कुछ लोगों को स्मार्टफोन दिए जाएंगे, लेकिन धीरे-धीरे करीब 70 हजार लोगों को यह सुविधा मिलेगी। इससे डेटा जुटाना आसान होगा और हर जानकारी तुरंत दर्ज की जा सकेगी। इससे काम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और समय की बचत होगी।
इस योजना के जरिए सिर्फ फोन ही नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत पर नज़र रखने के लिए खास उपकरण भी दिए गए। इनमें स्टैडियोमीटर (ऊंचाई मापने का यंत्र), इन्फैंटोमीटर (नवजात शिशुओं की लंबाई मापने का यंत्र) और मदर चाइल्ड वेटिंग स्केल (मां और बच्चे का वजन मापने का पैमाना) शामिल हैं। इनसे बच्चों की लंबाई और वजन सही तरीके से मापा जा सकेगा। इससे कुपोषण जैसी समस्या को जल्दी पहचाना जा सकेगा और समय पर मदद मिल पाएगी।
हर जिसे में होने वाले इस कार्यक्रम में नए आंगनवाड़ी केंद्रों के डिजाइन भी जारी किए जाएंगे। साथ ही कई जिलों में नए केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास और लोकार्पण होगा। इससे गांव और शहर दोनों जगह सुविधाएं बेहतर होंगी और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। सरकार की कोशिश है कि आंगनवाड़ी सेवाएं पहले से ज्यादा मजबूत बनें। स्मार्टफोन और आधुनिक उपकरण मिलने से काम करने वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
मेहनत का सटीक और रियल-टाइम डेटा तुरंत मिलेगा
स्मार्टफोन का वितरण करते योगी आदित्यनाथ
डिजिटल आंगनवाड़ी की ओर बढ़ा कदम
काम होगा आसान, निगरानी बेहतर
बच्चों के स्वास्थ्य पर पैनी नज़र
डेढ़ लाख बच्चे जो कुपोषित थे, वे सुपोषित हुए हैं... pic.twitter.com/toUaZrSdbJ
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026