यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 कल से शुरू: 53 लाख से ज़्यादा छात्र देंगे परीक्षा, नकल रोकने के लिए हर कमरे में लगे CCTV
Gaon Connection | Feb 17, 2026, 22:22 IST
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी। इस साल कुल 53,37,778 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सरकार ने नकल रोकने के लिए पूरे राज्य में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। हर परीक्षा कक्ष में CCTV कैमरे और इंटरनेट की सुविधा है। संवेदनशील जिलों में STF और खुफिया दल तैनात रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में कल यानी 18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। ये परीक्षाएं 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) मिलाकर कुल 53 लाख 37 हजार 778 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठेंगे। इनमें 27 लाख 61 हजार 696 हाईस्कूल के और 25 लाख 76 हजार 82 इंटरमीडिएट के छात्र हैं।
परीक्षाएं बिल्कुल साफ और बिना नकल के हों, इसके लिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें 596 सरकारी स्कूल, 3,453 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और 3,984 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने लखनऊ स्थित निदेशालय में बने राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीक पर आधारित और पारदर्शी बनाया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर हर परीक्षा कक्ष में दो-दो CCTV कैमरे लगाए गए हैं जो आवाज भी रिकॉर्ड करते हैं। इनके साथ राउटर, DVR और तेज़ इंटरनेट की सुविधा भी दी गई है। पूरी परीक्षा की लाइव निगरानी वेबकास्टिंग के जरिए होगी। प्रश्न पत्र रखने वाले स्ट्रॉन्ग रूम और उत्तर पुस्तिकाओं को सील करने के कमरों की भी 24 घंटे CCTV से निगरानी होगी। सभी 75 जिलों के परीक्षा केंद्रों को लखनऊ के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से ऑनलाइन देखा जाएगा।
प्रदेश के 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें से 222 परीक्षा केंद्रों को 'अति संवेदनशील' और 683 केंद्रों को 'संवेदनशील' की श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर STF (विशेष कार्यबल) और स्थानीय खुफिया दल पूरे परीक्षा काल में सक्रिय रहेंगे। अति संवेदनशील केंद्रों की दिन में दो बार जांच होगी। सुरक्षा और व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए 8,033 केंद्र अधीक्षक, 8,033 बाहरी केंद्र अधीक्षक, 8,033 स्थैतिक दंडाधिकारी, 1,210 क्षेत्रीय दंडाधिकारी और 427 ज़ोनल दंडाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा 69 मंडल स्तरीय और 440 जिला स्तरीय मोबाइल दस्ते भी बनाए गए हैं। सभी 75 जिलों और 18 मंडलों के लिए राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।
नकल रोकने के लिए इस साल उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों के क्रमांक नंबर, बोर्ड का लोगो और सूक्ष्म 'UPMSP' मार्किंग की गई है, जिससे उत्तर पुस्तिकाएं बदली नहीं जा सकतीं। आपातकालीन स्थिति के लिए सभी विषयों के रिज़र्व प्रश्न पत्र डबल लॉक अलमारियों में सुरक्षित रखे गए हैं। इस बार एक नई शुरुआत यह भी है कि उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं की भी पहली बार ऑनलाइन निगरानी होगी।
छात्रों और अभिभावकों की मदद के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं 18001806607 और 18001806608। इसके अलावा यूपी बोर्ड, प्रयागराज के टोल फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी हैं। शिकायतें ईमेल, Facebook, X (Twitter) और WhatsApp के ज़रिए भी दर्ज कराई जा सकती हैं। प्रयागराज मुख्यालय के साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत प्रश्न पत्र बनाने, छपाई, वितरण या मूल्यांकन में किसी भी गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई होगी। मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे बिना डरे, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
परीक्षाएं बिल्कुल साफ और बिना नकल के हों, इसके लिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें 596 सरकारी स्कूल, 3,453 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और 3,984 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने लखनऊ स्थित निदेशालय में बने राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीक पर आधारित और पारदर्शी बनाया गया है।
हर कमरे में CCTV, लाइव निगरानी
18 जिले संवेदनशील, STF रहेगी तैनात
उत्तर पुस्तिकाओं में खास सुरक्षा, नकल की कोई गुंजाइश नहीं
हेल्पलाइन नंबर और शिकायत की सुविधा
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत प्रश्न पत्र बनाने, छपाई, वितरण या मूल्यांकन में किसी भी गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई होगी। मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे बिना डरे, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।