UP बकरी पालन योजना: 90% तक की सब्सिडी, प्रशिक्षण से लेकर आवेदन करने की जानिए पूरी जानकारी
Gaon Connection | Mar 27, 2026, 11:08 IST
यूपी सरकार की तरफ से बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए 90% तक सब्सिडी और मुफ्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चलाई जा रही है। जानिए किन किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है और कहाँ और कैसे कर सकते हैं अप्लाई?
उत्तर-प्रदेश की बकरी पालन योजना
यूपी सरकार छोटे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी योजना चला रही है। इस योजना के तहत, बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें 90% तक की सब्सिडी, मुफ्त प्रशिक्षण और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। यह योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
इस योजना का लाभ विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) की महिलाओं, विधवा महिलाओं, भूमिहीन किसानों, छोटे किसानों, अत्यंत गरीब परिवारों और दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है। यह योजना स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है, क्योंकि बकरी पालन को 'गरीबों का एटीएम' और 'गरीबों की गाय' भी कहा जाता है। यह कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय है, जिसे कम जगह में आसानी से शुरू किया जा सकता है और इसमें चारे की लागत भी बहुत कम आती है।
बकरी पालन को 'गरीबों का एटीएम' और 'गरीबों की गाय' के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम निवेश में जल्दी आमदनी शुरू हो जाती है। इसे कम जगह में भी शुरू किया जा सकता है और इसमें चारे की लागत भी बहुत कम आती है। दूध, मांस और मेमनों को बेचकर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। यह सालभर मांग में बना रहने वाला एक मुनाफे भरा व्यवसाय है। इसी वजह से इसे ग्रामीण क्षेत्रों में “गरीबों का एटीएम” भी कहा जाता है।
इस योजना के तहत, एक छोटी यूनिट के लिए 5 मादा बकरी और 1 बकरा उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार इसमें 90% तक सब्सिडी देगी। इसके अलावा, बीमा और टीकाकरण की सुविधा भी योजना में शामिल है। यह योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही है।
सरकार इस योजना में सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दे रही है। अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) की महिलाएं और विधवा महिलाएं, भूमिहीन किसान और छोटे किसान इसके पात्र हैं। अत्यंत गरीब परिवारों और दिव्यांगों के लिए 3% आरक्षण का भी प्रावधान है।
सब्सिडी की राशि वर्ग के अनुसार अलग-अलग है। SC/ST और महिलाओं को 90% तक सब्सिडी दी जा रही है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹7.5 लाख है। सामान्य वर्ग के लिए 70% तक सब्सिडी उपलब्ध है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹5 लाख है। यह सब्सिडी बकरी की खरीद, शेड निर्माण, चारा और दवाइयों के खर्चों पर लागू होती है।
सरकार केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दे रही है, बल्कि पशुपालन का प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान कर रही है। अनुभवी लोगों को ट्रेनर के रूप में जोड़ा जाएगा, जिससे नए लोगों के लिए यह व्यवसाय शुरू करना आसान हो जाएगा।
इस योजना के लिए आवेदन करना बहुत सरल है। इच्छुक आवेदक पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "Goat Farming Subsidy Scheme" पर क्लिक कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरने के बाद आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन का प्रमाण और फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर को सुरक्षित रखना होगा। आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से भी संपर्क कर सकते हैं।
बकरी पालन कम जोखिम वाला व्यवसाय है, जिसमें आय तेजी से बढ़ाई जा सकती है। यह ग्रामीण बेरोजगारी को कम करने में भी मददगार है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक मजबूत माध्यम है। सरकार की यह पहल छोटे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और गांवों में रोजगार पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। अगर आप कम लागत में कोई टिकाऊ और मुनाफे वाला व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो बकरी पालन योजना 2026 आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। सरकारी सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाजार की लगातार मांग इसे एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बनाती है। यूपी सरकार की इस पहल से लघु किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक मजबूती मिल रही है। उच्च सब्सिडी, प्राथमिकता और प्रशिक्षण के साथ बकरी पालन जैसे स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, जिससे आय में वृद्धि और आत्मनिर्भरता को बल मिल रहा है।
यूपी सरकार की पहल से लघु किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
उच्च सब्सिडी, प्राथमिकता और प्रशिक्षण के साथ बकरी पालन जैसे स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, जिससे आय में वृद्धि और आत्मनिर्भरता को बल मिल रहा है। pic.twitter.com/65nQJYk3oB
— Kisan Kalyan Mission UP (@KisanKalyanUP) March 26, 2026