Weather Alert: होली से पहले मौसम का मिजाज बदला, उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं, तापमान में होगी गिरावट
Gaon Connection | Mar 02, 2026, 10:01 IST
होली से ठीक पहले मौसम करवट लेगा। उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानिए एस बदलते मौैसम में फसलों का कैसे ख्याल रखना है।
हिमाचल में कई स्थानों पर बारिश के आसार, बदलेगा मौसम का मिजाज
होली से पहले मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। किसानों को मौसम के अनुसार सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फरवरी की शुरूआत में ही मौमस में गर्माहट देखने को मिल रही है। भारतीय मौमस विभाग /IMD ने बताया है कि हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। हालांकि, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 3-5 डिग्री बढ़ने के भी संकेत हैं।
दिल्ली में आज मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन गर्मी बढ़ रही है। यहाँ अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे धूल उड़ सकती है। फिलहाल दिल्ली में बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम बिगड़ सकता है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, बहराइच, बलिया, मिर्जापुर और सीतापुर जैसे शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का अहसास होगा।
बिहार में आज मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि, तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ सकती है। पटना, भागलपुर, बेगूसराय, कटिहार और खगड़िया जैसे जिलों में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहेगा और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है। देहरादून में अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल सकता है। मनाली और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा में तापमान बढ़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में आज से हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान लगभग 15 डिग्री और न्यूनतम 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके अलावा अगले 2 दिनों में भी बारिश कीसंभावना बनी रहेगी।
आने वाले अगले दो दिनों में गोवा और कोंकण इलाकों के साथ गुजरात राज्य में ंमौसम गर्म रहेगा, साथ ही आद्रता भी महसूस की जाएगी।
जम्मू और कश्मीर में गेहूं और सरसों की हल्की सिंचाई करें।
हिमाचल में गेहूं और जल्दी बाई जाने वाली सब्जियों की हल्की सिंचाई करें। टमाटर और शिमला मिर्च की खेती अगर पॉलीहाउस में की गई है तो हवा पास होने का इंतजाम करें।
पंजाब में मौमस गर्म है तो सरसों, गोभी, आलू में सिंचाई करके मिट्टी में नमी बनाए रखें।
हरियाणा में सरसों और चने में फूल आने और फली बनने के समय हल्की सिंचाई करें।
उत्तराखंड में गेहूं, मसूर, सरसों, जैसी फसलों में हल्की सिंचाई करें। इस समय गेहूं दाने भरने का अवस्था में हैं। सरसों और चने की फली बनने का समय है।
पश्चिमी उत्तर-प्रदेश में गेहूं, सरसों, चना, आलू और जल्दी बोए गए गन्ने में हल्की और नियमित अंतराल पर सिंचाई करें।
राज्स्थान में जीरा, इसबगोल, सरसों और चने में सिंचाई करें।
खेतों में जरूरी नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग, मेड़बंदी करें। इंटरकल्टीवेशन से बचें।
पशुओं को साफ पानी पीने को दें। छाया का इंतजाम करें।
मुर्गी पालन करते हैं तो, गर्मी से बचाने के लिए पोल्ट्री शेड को घास से ढक दें।
बागवानी फसलों, सब्जियों और फलों के नए पौधों व फल देने वाले पौधों को तेज हवाओं के कारण गिरने से बचाने के लिए सहारा दें।
तेज हवाएं चलने का अलर्ट
दिल्ली एनसीआर में धूल भरी हवाओं का अलर्ट
उत्तर-प्रदेश में बारिश का अलर्ट
बिहार में मौसम साफ
हिमाचल में बारिश का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश की संभावना
गोवा और गुजरात में आद्रता
फसलों के लिए सलाह
हिमाचल में गेहूं और जल्दी बाई जाने वाली सब्जियों की हल्की सिंचाई करें। टमाटर और शिमला मिर्च की खेती अगर पॉलीहाउस में की गई है तो हवा पास होने का इंतजाम करें।
पंजाब में मौमस गर्म है तो सरसों, गोभी, आलू में सिंचाई करके मिट्टी में नमी बनाए रखें।
हरियाणा में सरसों और चने में फूल आने और फली बनने के समय हल्की सिंचाई करें।
उत्तराखंड में गेहूं, मसूर, सरसों, जैसी फसलों में हल्की सिंचाई करें। इस समय गेहूं दाने भरने का अवस्था में हैं। सरसों और चने की फली बनने का समय है।
पश्चिमी उत्तर-प्रदेश में गेहूं, सरसों, चना, आलू और जल्दी बोए गए गन्ने में हल्की और नियमित अंतराल पर सिंचाई करें।
राज्स्थान में जीरा, इसबगोल, सरसों और चने में सिंचाई करें।
खेतों में जरूरी नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग, मेड़बंदी करें। इंटरकल्टीवेशन से बचें।
पशुओं की देखभाल
मुर्गी पालन करते हैं तो, गर्मी से बचाने के लिए पोल्ट्री शेड को घास से ढक दें।