Wheat Procurement: आज से उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद शुरू, तुरंत करा लें पंजीकरण
Gaon Connection | Mar 30, 2026, 10:51 IST
UP Wheat Procurement: उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च 2026 से शुरू हो रही है जो 15 जून तक चलेगी। इस बार उत्तर प्रदेश में गेहूं की शानदार पैदावार हुई है और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। किसान बहन-भाई जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है वो तुरंत करा लें।
Wheat Procurement in Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद सोमवार, 30 मार्च 2026 से शुरू हो रही है, जो 15 जून तक चलेगी। इस बार सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले साल से 160 रुपये अधिक है। किसानों की सुविधा के लिए 3574 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं और 2.24 लाख से अधिक किसान पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी और सुलभ खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, जिसमें बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म होगा और किसानों को उनकी उपज का सीधा और लाभकारी मूल्य मिलेगा।
योगी सरकार ने गेहूं खरीद के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। खाद्य विभाग और 7 अन्य एजेंसियों के सहयोग से पूरे प्रदेश में कुल 6500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। ये केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शीतल पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस बार उत्तर प्रदेश में गेहूं की शानदार पैदावार हुई है और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग के 30 लाख मीट्रिक टन के शुरुआती लक्ष्य को बढ़ाकर अब 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। किसानों को उनकी उपज बेचने के मात्र 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे भुगतान करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म हो सके और किसानों को किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
सरकारी खरीद में गेहूं बेचने के लिए किसान पंजीकरण अनिवार्य है। जो किसान पहली बार गेहूं बेचने जा रहे हैं, उन्हें नया पंजीकरण कराना होगा। जिन्होंने रबी विपणन वर्ष 2025–26 में गेहूं बेचा था, उन्हें दोबारा पंजीकरण की ज़रूरत नहीं है, लेकिन अपने पुराने पंजीकरण को अपडेट कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण या अपडेट के किसान समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले पाएंगे।
गेहूं की सरकारी बिक्री के लिए पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना आवश्यक है। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे इसे जल्द पूरा कर लें। किसान fcs.up.gov.in पोर्टल या 'UP KISAN MITRA' मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं। बिक्री के दौरान किसी भी समस्या या शिकायत के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं, जहाँ संबंधित अधिकारियों द्वारा तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
गेहूं खरीद के लिए OTP आधारित पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है। किसान को पंजीकरण के समय सही मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। उसी नंबर पर OTP आएगा, जिसके जरिए पंजीकरण पूरा किया जाएगा। इससे फर्जी पंजीकरण पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों को ही लाभ मिलेगा।
किसान को खुद क्रय केंद्र पर उपस्थित होना होगा। अगर किसी कारणवश किसान स्वयं नहीं आ पाता है, तो परिवार के नामित सदस्य का विवरण देना अनिवार्य होगा। आधार नंबर और पहचान से जुड़ी जानकारी देना जरूरी है।
सरकार ने साफ किया है कि गेहूं का पूरा भुगतान सीधे किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। किसान जिस बैंक खाते में भुगतान चाहते हैं, उसे आधार से सीड कराना अनिवार्य है। बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और उसमें पिछले तीन महीनों में लेन-देन हुआ होना चाहिए। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पैसा सीधे किसान तक पहुंचेगा।
अगर किसान ने हाल ही में बैंक खाता बदला है, तो उसे NPCI पोर्टल पर अपडेट कराना होगा। भुगतान में देरी से बचने के लिए बैंक विवरण पहले ही सही कर लेना जरूरी है।