थोक महंगाई ने तोड़ा 3 साल का रिकॉर्ड, मार्च में बढ़कर 3.88% पर पहुंचा WPI, पेट्रोल-डीजल समेत इन चीजों की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन

Gaon Connection | Apr 15, 2026, 14:38 IST
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मार्च 2026 में थोक महंगाई दर बढ़कर 3.88 प्रतिशत हो गई। यह पिछले 41 महीनों का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और विनिर्माण उत्पादों की कीमतों में वृद्धि मुख्य कारण रहे। ईंधन और बिजली सूचकांक में 4.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। खुदरा महंगाई दर भी बढ़ी है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते मार्च में थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 3.88% पर रहा
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते मार्च में थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 3.88% पर रहा
मार्च 2026 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.88 प्रतिशत हो गई, जो पिछले 41 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। यह आंकड़ा फरवरी 2026 के 2.13 प्रतिशत से काफी अधिक है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।

ईंधन और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा असर

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में ईंधन और बिजली सूचकांक में 4.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खासतौर पर मिनरल ऑयल की कीमतों में 8.77 प्रतिशत का उछाल देखा गया, जबकि बिजली की कीमतों में 5.07 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी कीमतों में 0.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 22 मैन्युफैक्चरिंग समूहों में से 16 में कीमतें बढ़ीं, जबकि 6 समूहों में गिरावट दर्ज की गई।

खाद्य महंगाई स्थिर

मार्च में WPI फूड इंडेक्स के आधार पर महंगाई दर 1.85 प्रतिशत पर स्थिर रही। हालांकि कुछ खाद्य वस्तुओं और कीमती धातुओं जैसे सोना-चांदी के आभूषणों की कीमतों में तेजी देखी गई, जिससे कुल महंगाई पर असर पड़ा।

रिटेल महंगाई भी बढ़ी

खुदरा महंगाई (CPI) फरवरी 2026 में 3.40 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 3.63 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11 प्रतिशत रही। राज्यों के स्तर पर तेलंगाना में सबसे ज्यादा 5.83 प्रतिशत महंगाई दर्ज हुई, जबकि छत्तीसगढ़ और दिल्ली में अपेक्षाकृत कम महंगाई देखी गई।

प्रमुख बातें

  • मार्च में थोक महंगाई दर में वृद्धि मुख्य रूप से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस, गैर-खाद्य वस्तुओं, बुनियादी धातुओं के विनिर्माण और खाद्य पदार्थों आदि की कीमतों में उछाल के कारण हुई है।
  • आंकड़ों के मुताबिक, ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में मार्च में फरवरी के मुकाबले 4.13 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। खनिज तेल की कीमतों में मार्च में पिछले महीने के मुकाबले 8.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बिजली की कीमत में मार्च में 5.07 प्रतिशत की कमी देखने को मिली।
  • मंत्रालय ने बताया कि 22 विनिर्माण समूहों में से 16 की कीमतों में मार्च में बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, छह में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, थोक खाद्य महंगाई दर मार्च में 1.85 प्रतिशत पर रही है। यह फरवरी में भी इस स्तर पर थी।
  • इससे पहले, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए गए थे और यह मार्च में सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत रही है, इसमें क्रमिक आधार पर 0.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फरवरी में यह 3.21 प्रतिशत थी।
  • मंत्रालय ने कहा कि मार्च में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.63 प्रतिशत और शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.11 प्रतिशत रही है।
  • खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.87 प्रतिशत रही है और फरवरी में यह 3.47 प्रतिशत थी। मार्च में ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.96 प्रतिशत रही है और शहरी इलाकों में यह 3.71 प्रतिशत थी।
  • बीते महीने प्याज -27.76 प्रतिशत, आलू -18.98 प्रतिशत, लहसुन -10.18 प्रतिशत, अरहर -9.56 प्रतिशत और मटर चना -7.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष 5 प्रमुख आइटम थे। इन सभी में महंगाई दर सालाना आधार पर नकारात्मक रही है।
  • वहीं, दूसरी तरफ चांदी की ज्वेलरी 148.61 प्रतिशत, सोना/हीरा/प्लैटिनम ज्वेलरी 45.92 प्रतिशत, कोपरा 45.52 प्रतिशत, टमाटर (35.99 प्रतिशत) और फूलगोभी 34.11 प्रतिशत, राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष 5 प्रमुख आइटम थे। इन सभी आइटम में महंगाई दर सालाना आधार पर सकारात्मक रही है।
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