महिला उद्यमियों को सरकारी बाजार से जोड़ रही ‘वुमनिया’ पहल, GeM (Government e-Marketplace) के जरिए बढ़ रहा कारोबार
Gaon Connection | Apr 10, 2026, 12:31 IST
भारत सरकार की ‘वुमनिया’ योजना ने महिला उद्यमियों को सरकारी खरीद से मिलाकर एक नई शुरुआत की है। GeM प्लेटफॉर्म ने महिलाओं को अपने उत्पादों को सीधे बेचने की अवसर प्रदान किया है, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ रही है। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों को भी इस योजना का फायदा मिल रहा है।
महिला उद्यमियों के समावेशी बाजार तक पहुँच
भारत सरकार की ‘वुमनिया’ पहल महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। Government e-Marketplace (GeM) प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे सरकारी विभागों को बेचने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
वर्ष 2019 में शुरू की गई ‘वुमनिया’ पहल का उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों, स्टार्टअप्स और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को एक डिजिटल मंच प्रदान करना है। इस पहल के तहत महिलाएं अपने उत्पाद GeM पोर्टल पर सूचीबद्ध करती हैं, जहां केंद्र और राज्य सरकारों के विभाग, मंत्रालय और सार्वजनिक उपक्रम सीधे इन उत्पादों की खरीद करते हैं। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त है, जिससे छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यमियों को भी समान अवसर मिल पाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में ‘वुमनिया’ पहल ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
देश में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की रीढ़ बन चुके हैं। फरवरी 2026 तक 10 करोड़ से अधिक महिलाएं 90 लाख से ज्यादा SHGs से जुड़ चुकी हैं। ये समूह न केवल बचत और ऋण गतिविधियों में सक्रिय हैं, बल्कि उत्पादन और व्यवसायिक गतिविधियों के जरिए आय सृजन में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ‘वुमनिया’ पहल के जरिए इन SHGs को सीधे सरकारी खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आय और बाजार तक पहुंच दोनों में सुधार हुआ है।
GeM प्लेटफॉर्म पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और कैशलेस है। यहां टेंडर जारी करने से लेकर ऑर्डर प्लेसमेंट और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इससे-
‘वुमनिया’ पहल, GeM के ‘स्वायत्त’ कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, युवाओं और MSMEs को सरकारी खरीद में भागीदारी का मौका देना है। इसके तहत विभिन्न प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और डिजिटल सहायता भी प्रदान की जाती है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें और अपने व्यवसाय को विस्तार दे सकें।
महिला उद्यमियों के उत्पादों को GeM प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है, जिससे खरीदारों के लिए उन्हें ढूंढना आसान हो जाता है। इनमें शामिल हैं:
‘वुमनिया’ पहल का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और छोटे शहरों की महिलाओं को हो रहा है, जिन्हें पहले बाजार तक पहुँचने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब वे डिजिटल माध्यम से सीधे सरकारी खरीदारों तक पहुँच बना पा रही हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान दे रही हैं।
‘वुमनिया’ पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें देश की मुख्यधारा में शामिल करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को भी मजबूती देती है। सरकारी खरीद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल उनके लिए नए अवसर पैदा कर रही है, बल्कि देश की समग्र आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
क्या है ‘वुमनिया’ पहल और कैसे करती है काम?
तेजी से बढ़ रहा कारोबार और भागीदारी
- 2.1 लाख से अधिक महिला उद्यमी GeM पर पंजीकृत हो चुकी हैं
- उन्हें 13.7 लाख से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए हैं
- कुल ऑर्डर वैल्यू 28,000 करोड़ रुपये से अधिक रही है
- यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 27.6% की वृद्धि को दर्शाता है
स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की मजबूत भूमिका
डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया का फायदा
- समय की बचत होती है
- भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है
- समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है
‘स्वायत्त’ कार्यक्रम के तहत मिल रहा बढ़ावा
महिला उत्पादों के लिए अलग कैटेगरी
- हस्तशिल्प और सजावटी उत्पाद
- हथकरघा वस्त्र
- जूट और कोयर उत्पाद
- ग्रॉसरी एवं पेंट्री आइटम
- ऑफिस उपयोग के सामान
- पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स