World Milk Day 2026: दूध में मिलावट की पहचान अब आसान, ₹100 की किट से घर बैठे करें जांच
Jun 01, 2026, 14:44 IST
"मिल्किट टेस्टिंग किट" नाम की यह किट करीब 100 रुपये में उपलब्ध है और इससे दूध में न्यूट्रलाइजर, डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड, बोरिक एसिड, साबुन, स्टार्च और यूरिया जैसी मिलावटों की पहचान की जा सकती है। दूध की एक बूंद टेस्ट पैड पर डालने के बाद यदि उसका रंग निर्धारित रंग में बदल जाता है, तो संबंधित मिलावट की मौजूदगी का संकेत मिलता है।
Milk Kit से पहचाने दूध असली है या नकली
हर साल 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस (World Milk Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दूध के पोषण महत्व, डेयरी क्षेत्र की भूमिका और खाद्य सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है, लेकिन बढ़ती मिलावट की घटनाओं ने इसकी शुद्धता को लेकर चिंता भी बढ़ाई है। ऐसे में अब एक ऐसी किट उपलब्ध है जिसकी मदद से घर बैठे कुछ ही मिनटों में दूध में मिलावट की जांच की जा सकती है।
दूध तभी स्वास्थ्यवर्धक है जब वह शुद्ध हो। मिलावटी दूध न केवल पोषण मूल्य को कम करता है बल्कि लंबे समय तक सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका असर और अधिक पड़ सकता है। इसलिए दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच जरूरी है।
कई बार दूध को खराब होने से बचाने के लिए उसमें न्यूट्रलाइजर मिलाया जाता है। यदि दूध की एक बूंद टेस्ट पैड पर डालने के बाद उसका रंग हल्के पीले रंग से बदलकर लाल (Red) हो जाए, तो यह न्यूट्रलाइजर की मिलावट का संकेत माना जाता है।
दूध को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए कुछ लोग हाइड्रोजन पेरॉक्साइड या बोरिक एसिड जैसे रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। यदि परीक्षण के बाद रंग क्रीम से बदलकर गहरा भूरा (Dark Brown) हो जाए, तो हाइड्रोजन पेरॉक्साइड की संभावना होती है। वहीं हल्के पीले रंग से चमकीले नारंगी (Bright Orange) रंग में बदलाव बोरिक एसिड की मौजूदगी का संकेत देता है।
दूध में पानी मिलाने के बाद उसकी गाढ़ापन बनाए रखने के लिए स्टार्च या साबुन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि टेस्ट पैड का रंग नारंगी से बदलकर हरे-भूरे (Olive Green) रंग में बदल जाए तो साबुन की मिलावट हो सकती है। वहीं स्टार्च की मौजूदगी होने पर पैड का रंग हल्के रंग से बदलकर काले-स्लेटी (Black/Grey) रंग में दिखाई देता है।
यूरिया की मिलावट स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक मानी जाती है। यदि परीक्षण के दौरान पैड का रंग बदलकर पीला (Yellow) हो जाता है, तो यह यूरिया की मौजूदगी का संकेत माना जाता है। ऐसे दूध का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
यह किट केवल रासायनिक मिलावट ही नहीं, बल्कि दूध की माइक्रोबियल क्वालिटी की भी जांच करती है। यदि परीक्षण के बाद रंग हल्के गुलाबी से बदलकर बैंगनी (Purple) हो जाए, तो यह दूध में सूक्ष्मजीवों की अधिकता या खराब गुणवत्ता की ओर संकेत करता है।
खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता जागरूकता के दौर में यह किट लोगों को दूध की शुद्धता की प्राथमिक जांच करने का आसान विकल्प देती है। मात्र 100 रुपये की लागत वाली यह किट उपभोक्ताओं को मिलावटी दूध की पहचान करने और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचने में मदद कर सकती है।
विश्व दुग्ध दिवस पर क्यों जरूरी है दूध की शुद्धता?
दूध में मिलावट की पहचान: रंग परिवर्तन तालिका
| मिलावट | सामान्य रंग | मिलावट होने पर रंग |
|---|---|---|
| न्यूट्रलाइजर | हल्का पीला | लाल |
| डिटर्जेंट | नारंगी | नेवी ब्लू |
| हाइड्रोजन पेरॉक्साइड | क्रीम | गहरा भूरा |
| बोरिक एसिड | हल्का पीला | चमकीला नारंगी |
| साबुन | नारंगी | हरा-भूरा |
| स्टार्च | हल्का क्रीम | काला/स्लेटी |
| यूरिया | सफेद/हल्का | पीला |
| माइक्रोबियल क्वालिटी | हल्का गुलाबी | बैंगनी |
न्यूट्रलाइजर की मिलावट ऐसे पहचानें
डिटर्जेंट मिला है या नहीं, ऐसे चलेगा पता
दूध की मात्रा बढ़ाने और झाग बनाने के लिए कुछ मामलों में डिटर्जेंट मिलाया जाता है। टेस्ट के दौरान यदि पैड का रंग नारंगी (Orange) से बदलकर नेवी ब्लू (गहरा नीला) हो जाए, तो यह डिटर्जेंट की मौजूदगी दर्शाता है।