Vallabh Navya Tulsi-1: किसान उगाएँ ये किस्म, कॉस्मेटिक और सुगंध उद्योग में होगा ज़्यादा मुनाफ़ा
Gaon Connection | Feb 25, 2026, 09:49 IST
अब किसानों के लिए तुलसी की एक नई प्रजाति आई है – वल्लभ नव्य तुलसी-1। यह किस्म पारंपरिक तुलसी की तुलना में अधिक मात्रा में तेल देती है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सकती है। इसकी पत्तियों से निकाला गया तेल दवाइयों, आयुर्वेदिक उत्पादों और कॉस्मेटिक सामान बनाने वाली कंपनियों में अच्छी कीमत पर बिकता है।
Vallabh Navya Tulsi-1
तुलसी सिर्फ धार्मिक महत्व का पौधा नहीं है, बल्कि भारत में यह एक महत्वपूर्ण औषधीय और सुगंधित फसल भी है। बढ़ती बाज़ार की मांग को देखते हुए वैज्ञानिकों ने तुलसी की एक उन्नत किस्म Vallabh Navya Tulsi-1 विकसित की है, जो किसानों को ज़्यादा तेल उत्पादन, बेहतर आमदनी और पर्यावरण के अनुकूल खेती का मौका देती है। इस किस्म को ICAR-Directorate of Medicinal and Aromatic Plants Research द्वारा विकसित किया गया है और यह भारत के सभी तुलसी उत्पादक क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।
Vallabh Navya Tulsi-1 की सबसे बड़ी खासियत इसकी 23.10 प्रतिशत सूखी पत्ती रिकवरी है। इसका मतलब है कि कटाई और सुखाने के बाद किसानों को तुलसी की पत्तियों की ज़्यादा मात्रा मिलती है। जो किसान सूखी पत्ती बेचते हैं या तेल निकालते हैं, उनके लिए यह सीधा अधिक उत्पादन और अधिक कमाई का संकेत है।
इस किस्म की पत्तियों में लगभग 0.73 प्रतिशत आवश्यक तेल (Essential Oil) पाया जाता है, जो तुलसी की अन्य सामान्य किस्मों की तुलना में काफ़ी अच्छा माना जाता है। यही वजह है कि Vallabh Navya Tulsi-1 से निकला तेल दवा उद्योग, आयुर्वेद, कॉस्मेटिक और सुगंध उद्योग में अच्छी मांग रखता है।
तेल की गुणवत्ता की बात करें तो Vallabh Navya Tulsi-1 और भी आगे निकल जाती है। इसमें 82.81 प्रतिशत मिथाइल यूजेनॉल (Methyl Eugenol) पाया जाता है, जो तेल को उच्च औषधीय और व्यावसायिक मूल्य देता है। इसी वजह से इस किस्म से तैयार तेल को बाज़ार में बेहतर दाम मिलते हैं और किसानों को अच्छा रिटर्न मिलता है।
उच्च पत्ती उत्पादन, बेहतर तेल प्रतिशत और गुणवत्ता के कारण Vallabh Navya Tulsi-1 से प्रति हेक्टेयर तेल उत्पादन ज़्यादा होता है। इससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफ़ा कमा सकते हैं, खासकर वे किसान जो औषधीय पौधों की खेती को नक़दी फसल के रूप में अपनाना चाहते हैं।
इस किस्म की एक और बड़ी खासियत इसका पर्यावरण के अनुकूल होना है। Vallabh Navya Tulsi-1 को सफेद मक्खी (Whitefly) के लिए ट्रैप क्रॉप के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सफेद मक्खी का प्रकोप कम होता है और रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल की ज़रूरत घटती है। इससे खेती की लागत कम होती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
Vallabh Navya Tulsi-1 को भारत के लगभग सभी उन इलाकों में उगाया जा सकता है जहाँ परंपरागत रूप से तुलसी की खेती होती है। यही कारण है कि यह किस्म छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। कुल मिलाकर, Vallabh Navya Tulsi-1 उन किसानों के लिए एक लाभकारी और टिकाऊ विकल्प है, जो औषधीय खेती से स्थिर आय चाहते हैं। ज़्यादा तेल, बेहतर गुणवत्ता, मज़बूत बाज़ार मांग और पर्यावरण के फायदे—ये सभी बातें इस किस्म को भविष्य की खेती के लिए खास बनाती हैं।
Vallabh Navya Tulsi की विशेषताएँ
इस किस्म की पत्तियों में लगभग 0.73 प्रतिशत आवश्यक तेल (Essential Oil) पाया जाता है, जो तुलसी की अन्य सामान्य किस्मों की तुलना में काफ़ी अच्छा माना जाता है। यही वजह है कि Vallabh Navya Tulsi-1 से निकला तेल दवा उद्योग, आयुर्वेद, कॉस्मेटिक और सुगंध उद्योग में अच्छी मांग रखता है।
इस तुलसी की गुणवत्ता
उच्च पत्ती उत्पादन, बेहतर तेल प्रतिशत और गुणवत्ता के कारण Vallabh Navya Tulsi-1 से प्रति हेक्टेयर तेल उत्पादन ज़्यादा होता है। इससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफ़ा कमा सकते हैं, खासकर वे किसान जो औषधीय पौधों की खेती को नक़दी फसल के रूप में अपनाना चाहते हैं।