AIIMS Study: अधिक स्क्रीन टाइम से बच्चों में बढ़ सकता है ऑटिज़्म का ख़तरा
अगर आप छोटे बच्चे को मोबाइल या टीवी दिखाकर खाना खिलाते हैं, तो सावधान हो जाइए। यह आदत उसके दिमागी विकास पर असर डाल सकती है। दिल्ली के एम्स (AIIMS) के एक अध्ययन में सामने आया है कि एक साल से पहले ज्यादा स्क्रीन देखने वाले बच्चों में 3 साल की उम्र तक ऑटिज्म के लक्षण विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने इसे लेकर अभिभावकों को गंभीर चेतावनी दी है।एम्स के इस अध्ययन में 3 से 6 साल के 250 बच्चों को शामिल किया गया, जिनमें 150 बच्चे ऑटिज्म से प्रभावित थे और 100 बच्चों का विकास सामान्य था। अध्ययन में पाया गया कि ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों में डिजिटल मीडिया का उपयोग ज्यादा था, उनकी नींद कम थी और वे शारीरिक गतिविधियों में भी पीछे थे। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक ऐसी स्थिति है जो मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करती है। इसमें बच्चों को सामाजिक व्यवहार, बातचीत और बार-बार एक ही तरह के व्यवहार करने में कठिनाई होती है।एम्स दिल्ली की बाल न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शेफाली गुलाटी ने कहा, “यह अध्ययन हमें बताता है कि बच्चों को 18 महीने से पहले स्क्रीन के संपर्क में लाना सही नहीं है। इससे उनके विकास पर असर पड़ सकता है। हमें आगे ऐसे अध्ययन करने होंगे, जिनमें ब्रेन स्कैन और मेलाटोनिन, डोपामिन जैसे हार्मोन को समझा जा सके, ताकि इसके जैविक प्रभावों को बेहतर तरीके से जाना जा सके।” उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को पूरी तरह स्क्रीन से दूर रखना ही समाधान नहीं है बल्कि संतुलित स्क्रीन टाइम और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि पर जोर देना जरूरी है ताकि बच्चे का समग्र विकास हो सके।