दुनिया में करोड़ाें लोग मलेरिया से प्रभावित

दुनिया में करोड़ाें लोग मलेरिया से प्रभावितगाँव कनेक्शन

लखनऊ। विश्व मलेरिया दिवस’ प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को मनाया जाता है। मलेरिया एक मच्छर जनित गंभीर बीमारी है। यह प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है। इस रोग से हर साल विश्व भर में करोंड़ों लोग प्रभावित होते है, जिनमें से लाखों लोगों की इस रोग से मृत्यु तक हो जाती है। इस जानलेवा बीमारी की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए ही मलेरिया दिवस को मनाया जाता है। विश्व मलेरिया दिवस मनाने की शुरुआत यूनिसेफ द्वारा 25 अप्रैल 2008 से हुई थी।

मलेरिया दिवस को मनाने का उद्देश्य इस जानलेवा बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए समुदाय आधारित गतिविधियों सहित राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण रणनीतियों का कार्यान्वयन तीव्र करना तथा लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक करना भी है।

  • चार्ल्स लुई अल्फोस लैवेरन ने सबसे पहले इस बात का पता लगाया था कि मलेरिया रोग का कारण प्रोटोजोआ परजीवी है।
  • मलेरिया की रोकथाम के लिए सरकार ने 1953 में राष्ट्रीय मल्रेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को चलाया और इसके साथ ही डीडीटी का भी छिडकाव शुरू किया था।
  • वर्ष 2016 में इस दिवस का मुख्य विषय ‘अच्छे के लिए मलेरिया खत्म करें’ था।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वर्ष 2015 में विश्व भर में 214 मिलियन मलेरिया के नए मामले हुए।
  • वर्ष 2015 में 438000 मौतें मलेरिया के कारण हुईं।
  • वर्ष 2000 से 2015 के बीच 57 देशों में मलेरिया के नए मामलों में 75 प्रतिशत तक कमी आई है।

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