अलविदा कुलदीप नैय्यर: 'जिस धज से कोई मक़्तल को गया'
Hridayesh Joshi | Aug 23, 2018, 07:11 IST
इमरजेंसी के दौर में तमाम बड़े पत्रकारों ने हथियार डाल दिए थे लेकिन नैय्यर की आवाज़ सबसे बुलंद थी। नैय्यर उस दौर में जूनियर पत्रकारों को सत्तापक्ष की ज्यादतियों के खिलाफ लिखने बोलने को प्रोत्साहित कर रहे थे।
अलविदा कुलदीप नैय्यर: ‘जिस धज से कोई मक़्तल को गया’