बुजुर्ग महिलाओं में मांसपेशियों के काम करने की क्षमता बढ़ाते हैं मछली के तेल के सप्लीमेंट

बुजुर्ग महिलाओं में मांसपेशियों के काम करने की क्षमता बढ़ाते हैं मछली के तेल के सप्लीमेंटग्लासगो और अबेरदीन विश्वविद्यालयों के नेतृत्व में किया गया यह शोध आज दी अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुआ है।

लंदन (भाषा)। एक नए शोध में पता चला है कि मछली के तेल के सप्लीमेंट बुजुर्ग महिलाओं में मांसपेशियों के काम करने की क्षमता को बढ़ाते हैं और इस तरह उनके जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। ग्लासगो और अबेरदीन विश्वविद्यालयों के नेतृत्व में किया गया यह शोध आज दी अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुआ है।

इसमें अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि बुजुर्ग महिलाओं के खानपान में तीन ग्राम मछली के तेल (ओमेगा तीन) के सम्लीमेंट को शामिल करके और इसके साथ ही करीब 18 महीने तक व्यायाम प्रशिक्षण करने के परिणामस्वरुप उनकी मांसपेशियों की काम करने की क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा देखा गया। इससे उनकी मांसपेशियों के आकार, कार्यक्षमता और गुणवत्ता में वृद्धि देखी गई।

मछली के तेल के सप्लीमेंट ले रहे पुरुषों में इस अवधि में मांसपेशियों के आकार या कार्यक्षमता में कोई अंतर नहीं आया। ग्लासगो विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्क्युलर ऐंड मेडिकल साइंसेस के स्टुअर्ट ग्रे ने कहा, ‘‘यह खोज महिलाओं के लिए खासतौर से लाभदायक होगी क्योंकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के चार साल अधिक जीने की ज्यादा संभावना होती है और वे अक्षमता की दहलीज को पार कर जाती है। उनकी कार्यक्षमता पुरुषों के मुकाबले दस साल पहले खत्म हो जाती है।''

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