नारियल का तेल जहर?

Deepanshu Mishra | Aug 30, 2018, 07:54 IST
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नारियल सेहत के लिए वैसे ही नुकसानदायक है जैसे कि वनस्पति घी और रिफाइंड। यहां तक की इस तेल को 'प्योर प्वॉनइजन' का नाम दे दिया है।
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नारियल का तेल जहर?
नारियल के तेल की खूबियों के बारे तो आपने खूब सुना होगा है लेकिन क्या आप इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानते हैं। हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने चौंकाने वाला दावा किया हैं जिसमें नारियल तेल को जहर बताया गया है। नारियल सेहत के लिए वैसे ही नुकसानदायक है जैसे कि वनस्पति घी और रिफाइंड। यहां तक की इस तेल को 'प्योर प्वॉनइजन' का नाम दे दिया है।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में टीएच चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ के प्रोफ़ेसर कैरिन मिशेल्स का कहना है कि नारियल सबसे खराब फ़ूड की श्रेणी में आता है। नारियल तेल में सैच्युरेटेड फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है जो शरीर में कलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ाने साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी अधिक होता है। भारतीयों के अलावा एशियन देशों में नारियल के तेल का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अलावा अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी पहले ये दावा किया था कि ज्यादा नारियल तेल का इस्ते माल एलडीएल और बैड कलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसके अधिक सेवन के वजह से हाई बीपी, कलेस्ट्रॉल लेवल, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियां हो सकती है। ऐसा दावा है कि जब ये ऑयल आलू, मूंगफली, केले, अंडा या अन्य कार्बोहाइड्रेट या फैटी चीज़ों के साथ मिलता है तो इसका असर और खतरनाक होता है। आयुर्वेद के अनुसार नारियल का तेल गर्म होता है। इसलिए अगर आपकी त्वचा में मुंहासे जैसी समस्या है, तो इसका इस्तेमाल कतई न करें।

नारियल के तेल में सेच्युरेटेड फैट की मात्रा 86 प्रतिशत होती है जो खाने में इस्तेमाल होने वाले तेलों में सबसे ज़्यादा होती है इसके अलावा सरसों के तेल में इसकी मात्रा 12 प्रतिशत होती है। इसके अलावा सूर्यमुखी के तेल में नौ प्रतिशत, सोयाबीन के तेल में 16 प्रतिशत और ऑलिव ऑयल में सेच्युरेटेड की मात्रा 14 प्रतिशत होती है।

नारियल के उत्पादन में भारत तीसरे पायदान पर है। यहां 19.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हर साल 2,044 करोड़ नारियल का उत्पादन होता है। एक रिसर्च के मुताबिक इस उत्पादन में 40 फीसदी हिस्सा केरल का है। दक्षिण भारत के अलावा फिलिपीन्स, इंडोनेशिया, अमेरिका और चीन में नारियल के तेल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है।

बीबीसी के एक कार्यक्रम में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के दो प्रतिष्ठित शिक्षाविद के-टी खॉ और नीता फ़ोरोही से बात करके 50 वर्ष से 75 वर्ष की उम्र के 94 लोगों को तीन ग्रुप में बांटा गया। इनमें से किसी भी व्यक्ति को डायबिटीज़ या हृदय रोग जैसी बीमारियां नहीं थीं। तीनों ग्रुप को चार हफ़्तों तक अलग-अलग तरह के तेल का सेवन करवाया गया। शर्त यह थी कि एक समूह पूरे चार हफ़्ते तक एक ही तरह के तेल का सेवन करेगा।

चार हफ़्ते बाद पाया गया कि जिस ग्रुप ने बटर का सेवन किया था उनके शरीर में बैड कलेस्ट्रॉल की मात्रा 10 प्रतिशत बढ़ गई थी साथ ही गुड कलेस्ट्रॉल भी पांच प्रतिशत बढ़ा था, जिस ग्रुप ने ऑलिव ऑयल (जैतून के तेल) का सेवन किया उनके शरीर में गुड और बैड कलेस्ट्रॉल की मात्रा थोड़ी कम हो गई। सबसे अधिक चौंकाने वाला नतीजा नारियल तेल का सेवन करने वाले ग्रुप से मिला। इस ग्रुप के लोगों में बैड कलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक तो नहीं बढ़ी लेकिन गुड कलेस्ट्रॉल लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ गई। इससे यह कहा जा सकता है कि नारियल तेल का सेवन दिल के लिए अच्छा होता है।

भारत में हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन (एनआईएन) में डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अहमद इब्राहिम ने बीबीसी को बताया कि नारियल तेल ऊर्जा प्राप्त करने का एक बेहतरीन स्रोत होता है, साथ ही यह हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म रेट को भी बढ़ाता है।

कुल मिलाकर यह कहना कि नारियल का तेल हमारे लिए पूरी तरह स्वास्थ्यवर्धक है या यह पूरी तरह हानिकारक है, दोनों ही विचार अपने-आप में अधूरे हैं। सिर्फ़ नारियल तेल का ही सेवन करते रहना हमारे शरीर को दूसरे तत्वों से दूर कर सकता है।

डॉ़. अहमद के मुताबिक अगर कोई सिर्फ़ नारियल तेल का ही सेवन करता रहे तो उसके शरीर में सेच्युरेटेड फ़ैट बहुत अधिक हो सकता है. इसलिए अलग-अलग तरह के तेल का सेवन करने की सलाह दी जाती है। भारत के दक्षिणी हिस्से में नारियल तेल का बहुत अधिक सेवन होता है लेकिन यह नुकसानदायक इसलिए नहीं होता क्योंकि लोग दूसरे तरह का खाना खाने से अन्य तरह के तेल का सेवन भी कर लेते हैं।

हर्बल आचार्य डॉ. दीपक आचार्य ने बताया, "नारियल तेल को शरीर में कलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाने की बात होती है आधुनिक विज्ञान इसे नहीं मनता है। लिपोप्रोटीन की मात्रा बढ़ती और घटती है। कलेस्ट्रॉल का काम होता ही कि लिपोप्रोटीन को शरीर के अन्य अंगों में पहुँचाना। ऐसी बहुत सारी रिपोर्ट आई हैं कि नारियल बहुत ही उपयोगी होता है। पारम्परिक तौर पर भी इसका काफी उपयोग होता आया है। नारियल तेल जहर है ऐसी रिपोर्ट आई है यह देखकर हमें नारियल का प्रयोग करना छोड़ देना चाहिए या इसे ना मानकर इसका प्रयोग ज्यादा मात्रा में करना चाहिए दोनों गलत हैं।"

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