बहराइच के तराई क्षेत्रों में बढ़ा खसरे का प्रकोप

बहराइच के तराई क्षेत्रों में बढ़ा खसरे का प्रकोपतराई क्षेत्रों में बदल रहा मौसम संक्रामक बीमारियों का वाहक बन रहा है।

प्रशांत श्रीवास्तव,स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

बहराइच। तराई क्षेत्रों में बदल रहा मौसम संक्रामक बीमारियों का वाहक बन रहा है। ऐसे में क्षेत्र में खसरे का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। बच्चों से लेकर नौजवान तक सब इसकी चपेट में आ रहे हैं।

जिला मुख्यालय से 45 किमी पश्चिम विकास खंड नवाबगंज के सरवनतारा और देवरा गाँव में खसरे से 22 बच्चे बीमार हैं, जिसमें छह की हालत नाजुक बताई जा रही है। आशुतोष श्रीवास्तव (48 वर्ष) बताते हैं, “गाँव में बढ़ती बीमारियों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दिया गया, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गाँव नहीं पहुंची।”

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खसरे से पीड़ित बसंत लाल बताते हैं, “मुझे कुछ दिन पहले तेज बुखार के साथ शरीर पर दाने निकले, फिर दानों ने पककर जख्म का रूप ले लिया। जिसके चलते असहनीय पीड़ा होती हैं।” सरवन तारा गाँव निवासी (35 वर्षीय) राजित राम ने बताया, “परिवार के सदस्यों के खसरा पीड़ित होने की जानकारी दो दिन पहले हुई है।

इस मामले में बाबागंज स्वास्थ्य केंद्र, नानपारा सीएचसी में दी गयी थी पर डॉक्टर तुरंत नहीं आए। जिसके चलते माही, शिवा, उमेश, श्वेता, मर्री और अनुराग की हालत नाजुक हो गयी है।” इसी गाँव के निवासी (45 वर्षीय) केशवराम ने बताया, “सरवनतारा और देवरा गाँव का कोई ऐसा परिवार नहीं होगा, जिसमें घर का कोई न कोई सदस्य खसरा व अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में न हो। अब तक तो गाँव के पास के डॉक्टरों से जैसे-तैसे इलाज चल रहा है, लेकिन लाभ नहीं हो सका है। अब तो भगवान ही ठीक करेगा।”

इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण लाल ने बताया, “देवरा और सरवनतारा गाँव में खसरा फैलने की जानकारी संज्ञान में आयी है। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम गाँव भेजी जा चुकी है। चिकित्सक दोनों गाँव में कैंप कर पीड़ितों का इलाज करेंगे। जिन रोगियों की हालत गंभीर होगी, उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।”

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