जीवनशैली में बदलाव दूर करेगा माइग्रेन

जीवनशैली में बदलाव दूर करेगा माइग्रेनमाइग्रेन दर्द के दौरान शरीर के अन्य हिस्से भी दर्द की चपेट में आते हैं।

लखनऊ। माइग्रेन का दर्द सिर के एक हिस्से में या फिर दोनों ही हिस्से में होता है इस दर्द के दौरान शरीर के अन्य हिस्से भी दर्द की चपेट में आते हैं। यह माइग्रेन का दर्द है जिसमें केवल रोगी का सिर ही नहीं शरीर के अन्य हिस्सों में भी इसके लक्षण नजर आते हैं। इसके बारे में बता रहे हैं लखनऊ के न्यूरो विभाग के डॉ एके पाण्डेय।

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माइग्रेन मूल रूप से तो न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें रह-रह कर सिर में एक तरफ बहुत ही चुभन भरा दर्द होता है। ये कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक बना रहता है। इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैस्टिक, जी मिचलाने, उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

लक्षण

आम तौर पर इसका शिकार होने पर सिर के आधे हिस्से में दर्द रहता है, जबकि आधा दर्द से मुक्त होता है। माइग्रेन से परेशान एक तिहाई लोगों को इसकी लक्षण में आने का एहसास पहले ही हो जाता है।

माइग्रेन के कारण

माइग्रेन के कारण कई हो सकते हैं। जिन लोगों को हाई या लो ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और तनाव जैसी समस्याएं होती हैं उनके माइग्रेन से ग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है। पर्याप्त नींद न लेना, भूखे पेट रहना और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना जैसे कुछ छोटे-छोटे कारणों से भी आपको माइग्रेन की शिकायत हो सकती है। एलर्जी के कारण भी माइग्रेन हो सकता है और अलग-अलग लोगों में एलर्जी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों के लिए खाने-पीने की चीजें भी एलर्जी का कारण बन जाती हैं।

बचाव

ये बीमारी किसी को भी हो सकती है लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है। फिर भी थोड़ी सी सावधानी रखकर आप इस बीमारी को खुद से दूर रख सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है खुद के जीवन शैली व खानपान में बदलाव लाना।

माइग्रेन में बादाम फायदेमंद

बादाम में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं और एस्प्रिन में प्रयोग होने वाले सेलिसिन तत्व जैसे मैगनीशियम और विटामिन ई, बादाम में भी पाए जाते हैं।

यदि नियमित रूप से बादाम का सेवन किया जाए तो इससे सिरदर्द से बचाव होता है। ऐसा पाया गया है कि जिन लोगों में मैगनीशियम का स्तर कम होता है, उन्हें माइग्रेन की समस्या उन लोगों के मुकाबले अधिक होती है, जिनमें इसका स्तर सामान्य रहता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के शोध के अनुसार जो लोग प्रतिदिन मैगनीशियम का पर्याप्त डोज लेते हैं उनमें यह समस्या 41 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

इन अंगों पर भी पड़ता है माइग्रेन का असर

आंख

इसके दर्द के साथ ही आंखों में संवेदनशीलता भी साथ आती है। ऐसा तब होता है जब आंखों और मस्तिष्क के बीच जाने वाली सिग्नल के बीच बाधा पहुंचती है।

कान

तीन-चौथाई रोगियों को माइग्रेन के अटैक के दौरान आवाज के प्रति संवेदनशीलता महसूस होती है। शोध में यह बात सामने आई है कि माइग्रेन के दर्द का प्रभाव इन इंद्रियों पर अधिक पड़ता है।

सिर

लगभग आधे से अधिक माइग्रेन रोगियों में चक्कर जैसी स्थिति पैदा होती है। ऐसा माइग्रेन पेन चैनल और मस्तिष्क के उस हिस्से में जो नियंत्रण करने का काम करता है उनके बीच कनेक्शन होता है।

नाक

माइग्रेन के 50 प्रतिशत से अधिक रोगियों में दर्द के कारण पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिससे नाक और आंख से पानी जाना या लाल हो जाने की शिकायत हो जाती है।

दृष्टि

30 प्रतिशत रोगियों जिन्हें माइग्रेन होता है उन्हें चमक जैसी चीज नजर आती है। यह एक असामान्य स्थिति होती है जिसमें रोगियों को चमकती हुई रोशनी या अस्थाई रूप से काले धब्बे नजर आते हैं। ऐसा तब होता है जब माइग्रेन के कारण पैदा होने वाले इलेक्ट्रिकल और कैमिकल तरंगें पूरे मस्तिष्क में फैल जाते हैं और उस हिस्से को घेर लेती हैं जिससे चीजों को देखते हैं।

माइग्रेन में खाएं ये

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। माइग्रेन के दर्द में मैग्नीशियम बहुत ही कारगर तरीके से काम करता है। अनाज, सी-फूड और गेहूं में भी भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है।

दूध

माइग्रेन में फैट फ्री दूध पीना बहुत फायदेमंद रहेगा। दूध में विटामिन बी पाया जाता है, जो सेल्स को एनर्जी देने का काम करता है। कई बार ऐसा होता है कि दिमाग की नसें सुस्त पड़ जाती हैं और माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है।

मछली

मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन ई पाया जाता है। ये दोनों ही चीजें माइग्रेन के दर्द को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

कॉफी

जिस तरह नॉर्मल सिर दर्द में कॉफी और चाय पीना फायदेमंद है उसी तरह माइग्रेन में भी ये काफी मददगार है। माइग्रेन अटैक आने पर कॉफी पीने से राहत मिलेगी।

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