एम्स के डॉक्टरों ने 11 घंटे की मशक्कत के बाद अलग किये दोनों बच्चों के सिर, सर्जरी के लिये ओडिशा सरकार ने दी एक करोड़ की राशि

एम्स के डॉक्टरों ने 11 घंटे की मशक्कत के बाद अलग किये दोनों बच्चों के सिर, सर्जरी के लिये ओडिशा सरकार ने दी एक करोड़ की राशिदोनों बच्चों को ओडिशा से दिल्ली लाया गया था।

लखनऊ। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बुधवार को सिर से जुड़े हुए दो बच्चों की सफल सर्जरी की गई। इन दोनों बच्चों को ओडिशा से दिल्ली लाया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक 30 डॉक्टरों ने 11 घंटों तक बच्चों का ऑपरेशन कर उनके जुड़े हुए सिरों को अलग किया। ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री प्रताप जेना ने सर्जरी के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि फ़िलहाल बच्चों की हालत स्थिर है, लेकिन अगले 72 घंटों तक उनकी निगरानी की जाएगी।

ये भी पढ़ें- बच्चों से जुड़े ये मिथक कहीं उनकी सेहत को खतरे में न डाल दें

इन दोनों बच्चों के नाम जगा और कलिया हैं और उनकी उम्र क़रीब ढाई साल है। इन्हें 14 जुलाई को ओडिशा के कंधमाल ज़िले के मिलीपाड़ा गांव से दिल्ली स्थित एम्स लाया गया था। 28 अगस्त को उनकी पहले चरण की सर्जरी की गई थी जिसमें जापान के विशेषज्ञ भी शामिल हुए थे। बुधवार को हुई सर्जरी दूसरे चरण का हिस्सा थी। इस सर्जरी के लिए राज्य सरकार ने एक करोड़ रुपये की राशि दी थी। प्रताप जेना ने कहा कि (दूसरे चरण की सफलता के बाद) प्लास्टिक सर्जरी की प्रक्रिया गुरुवार सुबह 10 बजे तक चल सकती है।

ये भी पढ़ें- बचपन का मोटापा सेहत की प्रमुख समस्या

इससे पहले दोनों बच्चों को कई तरह के टेस्टों से गुज़रना पड़ा। उनकी कई बार मेडिकल जांच की गई। उस दौरान एक डॉक्टर ने बताया कि ये बच्चे ऐसी बीमारी से पीड़ित हैं जो 30 लाख बच्चों में केवल एक को होती है। इनमें 50 प्रतिशत बच्चे जन्म के समय या उसके 24 घंटे के अंदर मर जाते हैं। वहीं, केवल 25 प्रतिशत बच्चों की सर्जरी हो पाती है। बाक़ी बच्चों को इसी हालत में ज़िंदगी बितानी पड़ती है। बताया जाता है कि प्रत्येक दो लाख जन्में बच्चों में कोई दो बच्चे जुड़े अंगों के साथ पैदा होते हैं, लेकिन सिर से जुड़े हुए बच्चों के मामले बहुत कम होते हैं।

खेती और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली मशीनों और जुगाड़ के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

Share it
Top