ऐसा क्रिकेटर आपने देखा है क्या, गर्दन में बैट फंसाकर बल्लेबाजी और पैर की उंगलियों से गेंदबाजी

ऐसा क्रिकेटर आपने देखा है क्या, गर्दन में बैट फंसाकर बल्लेबाजी और पैर की उंगलियों से गेंदबाजीअगर आपके अंदर हौसला हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता।

जम्मू- कश्मीर। बिना हाथों के ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और गेंदबाजी कोई कर सकता है क्या भला, आप का जवाब शायद न में होगा लेकिन, कश्मीर के आमिर को क्रिकेट खेलते देख लेंगे तो न सिर्फ आपका नजरिया बदलेगा बल्कि आप भी उनके मुरीद हो जाएंगे।

सचिन तेंदुलकर को टीवी पर देखकर क्रिकेट को अपना सब कुछ मानने वाले आमिर के दोनों हाथ नहीं है, वो बैट को गर्दन से फंसाकर बैटिंग करते हैं तो पैर की उंगलियों में फंसाकर बॉल फेंकते हैं। वो दिव्यांग हैं लेकिन हुनर और जुनून इस कदर उनमें भरा है कि आप भी दिवाने हो जाएंगे।

बचपन में हुआ था दर्दनाक हादसा

दक्षिणी कश्मीर के वागहामा के रहने वाले आमिर को एक हादसे में अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े।आमिर हादसे का जिक्र करते हुए बताते हैं कि बचपन में वे भी सभी बच्चों की तरह सामान्य जीवन जी कर रहे थे, लेकिन 1997 में हुए एक हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। आमिर बताते हैं, “एक दिन वे अपने माता-पिता के लिए खाना लेकर मिल में गए थे, जब वो खाना खाने लगे तो मैं मशीनों से खेलने लगा, एक मशीन में दोनों हाथ फंस गए हो दोनों कंधे से काटने पड़े।” घटना को याद कर उनकी आंखें डबडबा आईं। जब दर्दनाक हादसा हुआ वो सिर्फ सात साल के थे और अगले 7 महीने उन्हें अस्पताल में दर्द के बीच बिताने पड़े।

गर्दन में बैट फंसाकर बल्लेबाजी करते हुए आमिर।

सचिन तेंदुलकर को देखकर जागा जुनून

आमिर क्रिकेट के शौकीन थे और क्रिकेटर बनना चाहता थे, लेकिन दोनों हाथ खोने की वजह से उनका हौसला टूटता जा रहा था। अस्पताल से छुट्टी के कुछ ही दिन बाद आमिर फिर से बीमार पड़ गए। इलाज के लिए पैसे नहीं होने की वजह से उसके घर वालों को जमीन तक बेचनी पड़ी।आमिर ने बताया कि उन्हें क्रिकेट और सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी में खासी दिलचस्पी थी। घर में टीवी नहीं होने की वजह से आमिर उस वक्त भारत का मैच देखने अपने पड़ोसियों के घर जाते थे। वहीं से उन्होंने क्रिकेटर बनने की ठानी।

दोनों हाथ न होने के बावजूद भी उनका हौसला बरकरार रहा और कड़ी मेहनत के बाद आमिर क्रिकेटर बनने में कामयाब हुए। वे पैरों की उंगलियों में गेंद फंसाकर गेंदबाजी करते हैं, जबकि गर्दन और कंधे की हड्डी में बैट फंसाकर बल्लेबाजी करते हैं। आमिर की प्रसिद्धि का अंदाज इसी बात से लगा सकते हैं कि उनका मैच देखने के लिए दूरदराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

देखिए कैसे क्रिकेट खेलते हैं आमिर।

दिल्ली में अपने जलवे दिखा चुके हैं आमिर

इस समय वे जम्मू-कश्मीर पैरा क्रिकेट टीम के खिलाड़ी है। उन्होंने क्रिकेट के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। अभी वे स्नातक द्वितीय वर्ष में हैं। 2015 में जम्मू कश्मीर की पैरा टीम ने जब दिल्ली को हराया था उस वक्त आमिर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। प्रदेश के जाने-माने क्रिकेटर भी आमिर का मैच देखने पहुंचते हैं और उनका हौसला बढ़ाते हैं।

सचिन की क्रिकेट एकेडमी में शामिल होने सपना

आमिर का कहना है कि सरकार की ओर से आज तक उसे कोई सहायता नहीं उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने कहा कि सेना कश्मीर में बहुत सारी क्रिकेट प्रतियोगिताएं कराती रहती है, वे चाहते हैं कि सेना उनकी मदद को आगे आए। उनका एक और सपना है कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर उन्हें अपनी क्रिकेट एकेडमी में शामिल कर उन्हें क्रिकेट के टिप्स दें, ताकि वे और अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

रिपोर्ट- आरपी तिवारी

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