उम्र से फर्क नहीं, मुझे लय हासिल करने के लिये एक मैच चाहिये: नेहरा 

उम्र से फर्क नहीं, मुझे लय हासिल करने के लिये एक मैच चाहिये: नेहरा नेहरा ने इंग्लैंड के खिलाफ कल दूसरे टी20 मैच में लगातार दो गेंदों पर विकेट लिये और बाद में एक विकेट और चटकाया।

नागपुर (भाषा)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने उम्र को लेकर आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें लय हासिल करने के लिये महज एक अभ्यास मैच की जरुरत है। नेहरा ने इंग्लैंड के खिलाफ कल दूसरे टी20 मैच में लगातार दो गेंदों पर विकेट लिये और बाद में एक विकेट और चटकाया। भारत ने यह मैच पांच रन से जीता।

मैं 50 ओवरों का मैच खेलूं या टी20 या फिर नेट पर एक स्टम्प के सामने ही गेंदबाजी क्यों न कर रहा हूं, मेरे अभ्यास में कोई कमी नहीं है। मुझे लय हासिल करने में बस एक मैच लगता है।
आशीष नेहरा, गेंदबाज

नेहरा ने भारत में 2016 में हुआ टी20 विश्व कप और फिर आईपीएल खेला था जिसके बाद घुटने के आपरेशन के कारण ब्रेक लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी घरेलू क्रिकेट खेलूंगा और फिर आईपीएल भी होना है। मेरा मानना है कि आप इतने समय से इतना अधिक खेल रहे हों तो गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों के लिये मैच अभ्यास बहुत जरुरी है।''

मेरे या महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी जो फिलहाल टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं, हमें घरेलू क्रिकेट खेलना होगा और आखिर में अनुभव मायने रखता है।
आशीष नेहरा, गेंदबाज

नेहरा ने इस बात को खारिज किया कि उम्र उनके आड़े आ रही है। उन्होंने कहा कि उम्र महज एक आंकड़ा है और फिट रहने तक वह खेलते रहेंगे।

नेहरा ने कहा, ‘‘जहां तक उम्र की बात है तो भारत में जब तक आप अच्छा खेलेंगे तो लोग आपकी तारीफ करते रहेंगे, लेकिन टीम दो मैच हार जायेगी तो लोग बाकी 15 खिलाडियों की आलोचना नहीं करेंगे बल्कि कहेंगे कि आशीष नेहरा को बाहर किया जाना चाहिये। मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन उम्र महज एक आंकड़ा है।''

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि फिट रहना मुश्किल है क्योंकि मैं तेज गेंदबाज हूं और मैं शुरु तथा अंत दोनों समय गेंदबाजी करता हूं। मैने सात आठ महीने बाद पिछला मैच खेला लेकिन मुझे कतई ऐसा नहीं लगा कि अभ्यास की कमी है। आप खेलते-खेलते बेहतर होते जाते हैं।'' कल के मैच के बारे में उन्होंने कहा कि कम स्कोर को बचाते समय शुरुआती विकेट जल्दी लेना जरुरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब आपने सिर्फ 145 रन का लक्ष्य दिया हो तो शुरुआती विकेट जल्दी मिलना जरुरी है जो मैने लिये। इससे बल्लेबाजों पर दबाव बना। विकेट धीमा होने से शुरुआती दो तीन विकेट लेने के बाद बल्लेबाज बैकफुट पर आ गए थे।''

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top