चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के पिता खुशी से उछले कहा, बरसों का सपना पूरा हो गया

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   25 March 2017 2:11 PM GMT

चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के पिता खुशी से उछले कहा, बरसों का सपना पूरा हो गयाचाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव।

कानपुर (भाषा)। भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में खेलने वाले पहले चाइनामैन गेंदबाज बने कुलदीप यादव के आस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला में टेस्ट कैप पहनने के बाद से उनके यहां जाजमउ स्थित घर में जश्न का माहौल है और सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

भारत आस्ट्रेलिया चौथे टेस्ट मैच में चाइनामैन कुलदीप यादव के टीम में शामिल होने का उनके परिजनों को यकीन ही नहीं हो रहा था। चोटिल कप्तान विराट कोहली के स्थान पर उन्हें अंतिम एकादश में जगह बनाने का मौका मिलेगा।

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भारत ने हालांकि पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया और इस स्पिनर के पिता रामसिंह यादव को यह खबर दी तो वह खुशी से उछल पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे परिवार का बरसों का सपना पूरा हो गया।'' इसके बाद से ही उनके घर में जश्न का माहौल बन गया।

उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के पदाधिकारी, कुलदीप के कोच और पूर्व खिलाड़ी काफी खुश है, कुलदीप को दस साल की उम्र से क्रिकेट की बारीकियां सिखाने वाले उसके कोच कपिल पांडेय ने कहा ‘‘आज मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया। पिछले 12 साल से मैं जिस बच्चे को ट्रेनिंग दे रहा था आज वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है।''

जब वह दस साल की उम्र में मेरे पास आया था तो मैंने इसे अन्य बच्चों की तरह ही ट्रेनिंग देनी शुरू की लेकिन कुछ समय बाद जब मैंने इसकी गेंद को पिच पर घूमते हुए देखा तो मुझे लग गया कि इस बच्चे में कुछ खास है और फिर मैंंने इस पर मेहनत शुरू की।
कपिल पांडेय कोच (कुलदीप यादव)

उन्होंने कहा, ‘‘आज अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहा है। आज मैं कुलदीप की कामयाबी से काफी खुश हूं इसमें उसकी कड़ी मेहनत भी जुड़ी है। वह बाएं हाथ से लेग स्पिन (चाइनामैन) गेंदबाजी करता है जो अपनी तरह में काफी अलग है।''

कुलदीप यादव भारत के पहले चाइनामैन गेंदबाज हैं और उन्होंने डेविड वार्नर के रूप में अपना पहला टेस्ट विकेट लेकर टीम प्रबंधन का फैसला सही साबित किया।

कुलदीप के पिता राम सिंह यादव चकेरी इलाके में छोटे स्तर के व्यवसायी है, जब उन्हें पता चला कि उनके बेटे को अंतिम एकादश में चुना गया है तो वह भावुक हो गए और उन्होंने तुरंत परिवार के सदस्यों को टीवी खोलने को कहा।

चाइनमैन गेंदबाज आम स्पिन गेंदबाजों से बिलकुल उलट होते है। दाएं हाथ से या फिर आम लेग स्पिन गेंदबाज की गेंद सीधे हाथ के बल्लेबाज के लिए टप्पा खाने के बाद बाहर की और जाती है। वहीं चाइनामैन गेंदबाज की गेंद टप्पा खाने के बाद अंदर की ओर आएंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे बेटे को शुरू से ही क्रिकेट का काफी शौक था और इसी को देखते हुए मैने नौ-दस साल की उम्र से ही उसे क्रिकेट की कोचिंग दिलानी शुरू कर दी था। क्रिकेट के प्रति उसकी लगन और समर्पण से मुझे उम्मीद थी कि यह भारतीय टीम की तरफ से खेलेगा और आज के दिन मेरे लिए सबसे खुशी का दिन है कि आज मेरा बेटा देश के लिये पहला टेस्ट मैच खेल रहा है।''

जब मैं रणजी टीम का कोच था तो कुलदीप की गेंदबाजी देखता था और तभी लगता था कि यह लड़का एक दिन भारत के लिए खेलेगा।
ज्ञानेंद्र पांडे चयनकर्ता उत्तर प्रदेश व पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर

उन्होंने कहा, ‘‘कुलदीप की कामयाबी का राज उसकी बाएं हाथ की लेग स्पिन यानि चाइनामैन गेंदबाजी है, इसमें गेंद तो वह बाएं हाथ से कराता है लेकिन बल्लेबाज तक पहुंचने पर वह गेंद आफ स्पिन की तरह अंदर की तरफ (दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए) आती है। इससे बल्लेबाज चकमा खा जाता है और वह अपना विकेट गंवा बैठता है, कुलदीप को इस अनोखी गेंदबाजी के कारण काफी कामयाबी मिलेगी।''

उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के निदेशक एस के अग्रवाल ने कहा, ‘‘आज यूपीसीए के लिए काफी खुशी का दिन है कि आज उसका एक और खिलाड़ी भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है, पूरे यूपीसीए की तरफ से कुलदीप यादव को बधाई और हम भविष्य में कुलदीप को सम्मानित भी करेंगे।''

मशहूर चाइनामैन गेंदबाजः चाइनामैन गेंदबाजी में बहुत कम ही खिलाड़ियों को महारत हासिल है। इस तरह के गेंदबाज रेयर होते हैं। कुलदीप यादव ऐसे पहले गेंदबाज है जिन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया। कुछ मशहूर चाइनामैन गेंदबाजों के नाम जानिए। साइमन कैटिच, गुलाम बोदी, पॉल एडम्स, माइकल बेवन, इंसान अली और ब्रेड हॉग।

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