तमिलनाडु को हराकर मुंबई 46वीं बार रणजी ट्राफी के फाइनल में पहुंचा

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   5 Jan 2017 7:22 PM GMT

तमिलनाडु को हराकर मुंबई 46वीं बार रणजी ट्राफी के फाइनल में पहुंचामुम्बई टीम का युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ।

राजकोट (भाषा)। रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल 2016-17 में मौजूदा चैम्पियन मुंबई ने तमिलनाडु को छह विकेट से मात देकर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर लिया। इंदौर में रणजी ट्रॉफी का फाइनल में 10 से 14 जनवरी के बीच गुजरात और मुंबई के बीच खेला जाएगा।

मौजूदा चैम्पियन मुंबई को चौथी पारी में जीत के लिए 251 रन बनाने थे, जिसे मुंबई ने मैच के पांचवें दिन गुरुवार को छह विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।

युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के अपने पदार्पण मैच में ही शतक से मुंबई ने आज यहां तमिलनाडु को छह विकेट से हराकर 46वीं बार रणजी ट्राफी फाइनल में जगह बनाई जहां उसका सामना गुजरात से होगा।

तीन साल पहले स्कूली मैच में 546 रन की पारी खेलकर चर्चा में आने वाले सत्रह वर्षीय बल्लेबाज पृथ्वी ने 120 रन की जबर्दस्त पारी खेली जिससे 41 बार के चैंपियन मुंबई ने खेल के पांचवें और अंतिम दिन आज यहां 251 रन का लक्ष्य चार विकेट खोकर हासिल कर दिया। मुंबई अब 42वीं बार खिताब जीतने के लिए गुजरात से भिड़ेगा, जिसने कल झारखंड को हराकर दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया था.

तमिलनाडु ने कल अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 356 रन पर समाप्त घोषित करके मुंबई के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था लेकिन पृथ्वी की शानदार बल्लेबाजी ने इसे बौना बना दिया। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 272 मिनट क्रीज पर बिताए और 175 गेंदें खेली। उन्होंने अपनी पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया। अपनी पारी के दौरान उन्होंने तीन अर्धशतकीय साझेदारियां भी निभाई।

मैन आफ द मैच पृथ्वी ने प्रफुल्ल वाघेला (36) के साथ पहले विकेट के लिए 90, श्रेयस अय्यर (40) के साथ दूसरे विकेट के लिए 91 और सूर्यकुमार यादव (34) के साथ तीसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। पृथ्वी आखिर में बाएं हाथ के स्पिनर औशिक श्रीवानिस (73 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर डीप मिडविकेट पर कैच देकर पवेलियन लौटे लेकिन तब मुुंबई लक्ष्य से केवल दस रन दूर था।

कप्तान आदित्य तारे ( नाबाद आठ) ने श्रीनिवास के इसी ओवर में लगातार दो चौके जड़कर स्कोर बराबरी पर पहुंचाया जबकि बाबा अपराजित के अगले ओवर की पहली गेंद पर सिद्धेष लाड ने विजयी रन बनाया।

इस बीच भाग्य ने भी पृथ्वी का साथ दिया। जब वह 99 रन पर थे तब विजय शंकर की गेंद पर उन्होंने शार्ट थर्ड मैन पर कैच थमा दिया था। अंपायर ने हालांकि इसे नो बाल दिया, जिससे पृथ्वी को शतक जमाकर अपने मुंबई की तरफ से पदार्पण मैच में शतक जडने वाले सचिन तेंदुलकर और अंजिक्य रहाणे जैसे बल्लेबाजों की सूची में शामिल होने का मौका मिल गया।

मुंबई ने सुबह बिना किसी नुकसान के पांच रन से आगे खेलना शुरु किया था। रविचंद्रन अश्विन के बिना उतरा तमिलनाडु का गेंदबाजी आक्रमण कुछ खास प्रभाव नहीं छोड पाये तथा मुंबई के बल्लेबाजों विशेषकर पृथ्वी ने सहजता से रन बटोरे। नवंबर 2013 में हैरिस शील्ड मैच में 546 रन की रिकार्ड पारी खेलने वाले शॉ ने एक मंझे हुए बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी की और ढीली गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाने में कोताही नहीं बरती।

फाइनल 10 से 14 जनवरी के बीच इंदौर में खेला जाएगा।

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