भारत-न्यूजीलैंड पांचवा वनडे में एक के पास क्लीन स्वीप और एक पास इतिहास रचने का मौका

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   28 Oct 2016 2:00 PM GMT

भारत-न्यूजीलैंड पांचवा वनडे में एक के पास क्लीन स्वीप और एक पास इतिहास रचने का मौकाभारतीय क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन।

विशाखापत्तनम (भाषा)। भारत-न्यूजीलैंड के बीच एक दिवसीए सीरिज का पांचवां व अंतिम मैच विशाखापत्तनम के डा. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में शनिवार को खेला जाएगा। इस मैच को जीत कर भारत व न्यूजीलैंड कोई भी इस श्रृंखला को अपने नाम कर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि भारतीय क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी भारत को दीपावली का तोहफा देते हैं या न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन की टीम इतिहास रचकर स्वदेश लौटती है। इस मैच पर बारिश का एक खतरा बरकरार है तूफान क्यांत के कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश की संभावना बनी हुई है।

धोनी व केन की कड़ी परीक्षा

प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के बीच भारतीय टीम निर्णायक पांचवें और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में कल जब यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी तो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व कौशल के अलावा फिनिशर की उनकी भूमिका की भी कड़ी परीक्षा होगी। श्रृंखला 2-2 से बराबर चल रही है और ऐसे में धोनी और उनकी टीम की नजरें अंतिम मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर हैं। वहीं दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के पास इतिहास रचने का मौका है। अगर टीम कल जीत दर्ज करती है तो भारत में पहली बार द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला जीतेगी।

धोनी की कप्तानी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला हारने से निश्चिततौर पर कप्तान और खिलाड़ी के रुप में उनकी क्षमता पर सवाल उठेंगे।

धोनी की कप्तानी में भारत ने पिछले कुछ समय में तीन एकदिवसीय श्रृंखलाएं गंवाई है। टीम इंडिया को बांग्लादेश में बांग्लदेश के खिलाफ 1-2, आस्ट्रेलिया में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-4 जबकि भारत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। पिछले 18 महीने में एकमात्र श्रृंखला जिंबाब्वे की कमजोर टीम के खिलाफ जिंबाब्वे में जीती।

चार माह में न्यूजीलैंड को मिली सिर्फ एक सफलता

पिछले चार माह से दो महाद्वीपों की टीमों के दौरे पर निकले न्यूजीलैंड को टेस्ट में एकमात्र सफलता जिंबाब्वे में मिली जहां उसने 2-0 से जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला 1-1 से बराबर रही जबकि भारत के खिलाफ टीम को 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड को धर्मशाला में पहले एकदवसीय मैच में एकतरफा मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा लेकिन दिल्ली में कप्तान केन विलियमसन और रांची में मार्टिन गुप्टिल की पारियों की मदद से टीम पांच मैचों की श्रृंखला चार मैच के बाद 2-2 से बराबर करने में सफल रही है। वर्ष 1988 से भारत में हुई चारों द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा है।

मौसम ने अगर साथ दिया तो टीम इंडिया डा. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में सफलता हासिल करने की भूखी होगी जहां उसने चार मैच जीते हैं और एक गंवाया है। भारत ने अपनी पिछली एकदिवसीय श्रृंखला श्रीलंका के खिलाफ नवंबर 2014 में 5-0 के क्लीनस्वीप के साथ जीती थी और धोनी अपने करियर के अंतिम पड़ाव में श्रृंखला गंवाना नहीं चाहेंगे।

टीम इंडिया की बल्लेबाजी कोहली पर रही अधिक निर्भर

अगले साल जून में होने वाली चैम्पियन्स ट्राफी से पहले भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ तीन और एकदिवसीय मैच खेलने हैं। मौजूदा श्रृंखला में टीम इंडिया की टेस्ट कप्तान विराट कोहली पर अधिक निर्भरता भी उजागर हुई है और टीम ने अपनी दो जीत उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत की दर्ज की हैं। रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे की सलामी जोड़ी ने अब तक निराश किया है, दूसरी तरफ कोहली ने धर्मशाला में नाबाद 85 और फिर मोहाली में नाबाद 154 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।

रांची में चौथे एकदिवसीय में 261 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रहाणे ने अर्धशतक जड़ा जबकि कोहली भी धीमे विकेट पर लय में दिखे लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद अनुभवहीन मध्यक्रम ढह गया। सफलता मिले या नहीं सलामी बल्लेबाज रोहित टीम के स्थायी सदस्य हैं और धोनी युवा मनदीप सिंह को मौका देने के मूड में नहीं दिख रहे। रोहित ने पिछली बड़ी पारी आस्ट्रेलिया में खेली थी और पिछले नौ महीने में वह किसी भी प्रारुप में शतक नहीं बना पाए हैं। मौजूदा श्रृंखला में वह सिर्फ 14, 15, 13 और 11 रन की पारियां खेल पाए हैं।

धोनी ने इसी मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ 123 गेंद में 148 रन बनाकर पहली बार सुर्खियां बटोरी थी और टीम नौ विकेट पर 356 रन बनाने में सफल रही थी। धोनी ने हालांकि रांची में पिछले मैच में 31 गेंद में सिर्फ 11 रन बनाकर निराश किया और जेम्स नीशाम की सीधी गेंद को चूककर बोल्ड हुए।

भारत का गेंदबाजी में प्रदर्शन बेहतर

गेंदबाजी में हालांकि भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया है विशेषकर अमित मिश्रा, अक्षर पटेल और कामचलाउ स्पिनर केदार जाधव की तिकड़ी ने जिसके कारण भारत को नियमित स्पिनरों आर अश्विन और रविंद्र जडेजा की कमी नहीं खली है। तेज गेंदबाजी में भारत उम्मीद करेगा कि जसप्रीत बुमराह फिटनेस हासिल कर लें क्योंकि रांची में उनके विकल्प के तौर पर खेलने वाले धवल कुलकर्णी ने निराश किया था।

गुप्टिल के फार्म में लौटने का न्यूजीलैंड को मिला फायदा

न्यूजीलैंड को गुप्टिल के फार्म में लौटने का फायदा मिला है और वह निरंतर प्रदर्शन कर रहे टाम लैथम के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दे रहे है। लैथम ने दौरे पर टेस्ट और वनडे में मिलाकर सात मैचों में पांच अर्धशतक जड़े हैं। तीसरे नंबर पर कप्तान विलियमसन ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया है लेकिन मध्यक्रम अधिकांश मौके पर अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहा है। रांची में तीसरे स्पिनर के रुप में टीम में शामिल किए गए एंटन डेवसिच ने निराश किया और उनकी जगह टीम में कोरी एंडरसन या मैट हेनरी की वापसी हो सकती है।

टीमें इस प्रकार हैं:

भारत :- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, मनीष पांडे, केदार जाधव, अक्षर पटेल, हार्दिक पंड्या, अमित मिश्रा, उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह, जयंत यादव, धवल कुलकर्णी, मनदीप सिंह।

न्यूजीलैंड :- केन विलियमसन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, टाम लैथम, रोस टेलर, कोरी एंडरसन, ल्यूक रोंची, जिमी नीशाम, मिशेल सेंटनर, टिम साउथी, मैट हेनरी, ट्रेंट बोल्ट, ईश सोढी, एंटन डेवसिच, बीजे वाटलिंग, डग ब्रैसवेल।

समय: मैच भारतीय समयानुसार एक बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा।


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