आंगनबाड़ी : चार हज़ार में दम नहीं, बीस हज़ार से कम नहीं

Op singh parihaarOp singh parihaar   30 Aug 2017 3:27 PM GMT

आंगनबाड़ी : चार हज़ार में दम नहीं, बीस हज़ार से कम नहींविकास भवन के मुख्य गेट पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ने की नारे बाजी।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

इलाहाबाद। कम वेतन को लेकर हड़ताल पर बैठी उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की कार्यकत्रियों का प्रदर्शन जोर पकड़ता जा रहा है। गत 23 अगस्त से जिलाधिकारी कार्यालय में कलमबंद हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ती अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी कर रही हैं। जिलाधिकारी कार्यालय से दर्ज़नों की संख्या में मुख्य विकास अधिकारी से मिलने पहुंची। मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय से निकलकर बाहर आने तक विकास भवन के मुख्य गेट पर चिलचिलाती धूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती नारेबाजी करती रही।

कम वेतन और अधिक कार्य के विरोध में दर्ज़नों कार्यकर्ती एक सप्ताह से जिलाधिकारी कार्यालय में धरना -प्रदर्शन कर रही हैं। कार्यकर्तीयों का कहना है कि प्रदेश में सबसे कम वेतन और अधिक जिम्मेवारियों के साथ हम काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ती सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष उर्मिला देवी का कहना है,“ हमारी प्रमुख मांग यह है कि हमारा वेतन चार हज़ार से बढ़ाकर बीस हज़ार और मिनी आंगनबाड़ी का 15 हज़ार किया जाए। हमे भी राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। समान वेतन,समान कार्य का नियम लागू किया जाय।”

वहीं धरने पर बैठी सचिव अन्नू सिंह एटक का कहना था,“ सरकार हमारा मानसिक और शारीरिक शोषण कर रही है अब ऐसा नही होने देंगे।”

मांगे पूरी नही होने तक हड़ताल

शिक्षामित्रों की राह पर चल पड़ी आंगनबाड़ी कार्यक्रतियो का कहना है कि जब तक हमारा वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा और राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाएगा तब तक हम काम पर नहीं लौटेंगे। धरना स्थल पर जोरदार नारेबाजी कर रही कार्यकर्ती का कहना था कि चार हज़ार में दम नहीं बीस हज़ार से कम नहीं।

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