बेहतर मुनाफे के लिए वैज्ञानिक पद्धति से करें सब्जी की खेती 

बेहतर मुनाफे के लिए वैज्ञानिक पद्धति से करें सब्जी की खेती किसान मेले में अधिकारी 

गाँव कनेक्शन संवाददाता

इटावा। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना वर्ष 2017-18 के अन्तर्गत दो दिवसीय किसान मेला/संगोष्ठी का आयोजन डा. राम मनोहर लोहिया कंपनी बाग के प्रांगण में किया गया। मेले का उदघाटन मुख्य अतिथि सरिता भदौरिया विधायक सदर द्वारा किया गया।

गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए विधायक सरिता भदौरिया ने कहा, “वैज्ञानिक भगवान का रूप हैं। वैज्ञानिकों द्वारा ही खाद्यान के मामले मे देश आत्मनिर्भर है। आज पृथ्वी का तापमान बढ रहा है। क्योंकि लोग अधिकाधिक वाहनों का प्रयोग कर रहे है। पेड़ों को काटा जा रहा है। इसलिए आवश्यक है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं।”

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जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने भी इस मौके पर कहा कि कृषि भारतीय अर्थ व्यवस्था की रीढ की हड्डी है, इसलिये कृषकों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। प्रदेश सरकार की नीतियों में मुख्य एजेण्डा कृषि आय को दुगना करना है, इसलिए 75 केन्द्रों को चिन्हित कर प्रत्येक ब्लाक में सब्जी कृषि उत्पाद विकास केन्द्र की स्थापना की जायेगी।

कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा. ए. के. सिंह ने कहा कि अच्छा मुनाफा कमाने के लिए किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से सब्जी की खेती करनी चाहिए। परंपरागत खेती के तरीकों में थोड़ा बदलाव की जरुरत है।

जिला उद्यान अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने जनपद में संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अनुदान एवं क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। वहीं आलू उत्पादन तकनीकी प्रबंधन पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी।

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इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने बताया कि आलू बीज को उत्पादन करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिये। सबसे पहले आलू बीज का उपचार बोरिक ऐसिड से 2-3 प्रतिशत का घोल बनाकर करना चाहिये। वायरस जनित रोगों की रोकथाम के लिए संस्तुत रयायन जैसे इमिडाकलोप्रिड 2 प्रतिशत का छिड़काव समय से अवश्य किया जाये, जिससे वायरस वाहक की रोकथाम हो सके।

उपनिदेशक (उद्यान) कानपुर मण्डल घनश्याम यादव के द्वारा विभागीय योजनाओं के बारे मे चर्चा की गयी। किसानों द्वारा पूछे गए समस्त प्रश्नों का जवाब भी दिया गया। इस मेले में करीब पांच सौ से अधिक किसानों ने भाग लिया।

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