मोदी ने देश की गरीब जनता को बैंक में लाइन लगवा दिया: बसपा 

मोदी ने देश की गरीब जनता को बैंक में लाइन लगवा दिया: बसपा बसपा नेता लालजी वर्मा को सुनने के लिए उमड़ी भीड़।

कविता द्विवेदी (कम्यूनिटी जर्नलिस्ट)

बाराबंकी। जनपद के हैदरगढ़ क्षेत्र के त्रिवेदीगंज ब्लॉक के श्री बैजनाथ किसान इण्टर कॉलेज में बसपा नेता व पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने चुनाव की ताल ठोंकते हुए विरोधी दलों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने नोट बंदी के फैसले पर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना करते हुए मजदूरों और किसानों पर आई दिक्कतों का जिक्र करते हुए भाजपा के खिलाफ लोगों को वोट देने की अपील की।

इस मौके पर जिलाअध्यक्ष सुरेश गौतम, जिला प्रभारी बाराबंकी विजय कुमार वर्मा और पूर्व बसपा मंत्री लालजी वर्मा और अन्य उपस्थित रहे। मंच से जनता को संबोधित करते हुए लालजी ने कहा, "नोट बंद करके मोदी ने जनता को बेवकूफ बनाया है।" उन्होंने आगे कहा कि आप खुद सोचिए कि कोई बड़ा आदमी बैंकों के बाहर लाइन में नहीं लगा है। किसान और मजदूर को परेशान करने के लिए ही नोट बंद करने का बेसिरपैर वाला फरमान जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर कालाधन ही लाना है तो जो विदेश में है उसे भारत लाएं। यहां की गरीब जनता के पास कहां है कालाधन। वो तो दो जून की रोटी पाने के लिए जद्दोजहद कर रही है।

केंद्र सरकार की नीतियों पर खूब चलाए जुबानी तीर।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीर मारते हुए कहा कि मोदी लाखों का सूट पहनते हैं तो कोई उनसे पूछे कि कितनी तनख़्वाह है उनकी। लालजी ने कहा, “मैं भी मंत्री रह चुका हूं। मुझे पता है ये बात कोई मोदी से पूछे की एक दिन में तीन बार सूट बदलने वाले के पास कहां से आता है। इतने महंगे सूट पहनने का रुपया कहां से लाते हैं वे। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी को इतिहास की कोई जानकारी नहीं है। जहां-जहां भाषण दिया वहां-वहां इतिहास के बारे में गलत बोल गए। जिस प्रधानमंत्री को इतिहास के बारे में नहीं पता वह देश का मार्गदर्शन कैसे करेगा।” लालजी ने आगे कहा, “मोदी ने गोवा में कहा कि मुझे 70 साल की लूट को रोकना है। अब मैं उनसे पूछता हूं कि भारत को आजाद हुए 69 साल 3 माह हुए हैं तो इसमें दो साल मोदी ने भी जनता को लूटा है। जिन लोगों का बैंक में खाता नहीं है वह अनाज में रुपया रखे थे। अब उनको भी खाता खुलवाना पड़ेगा।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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